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तो क्या मतदाताओं की खामोशी को तोड़ने में कामयाब रहेंगे स्टार प्रचारक, राजनेताओं की प्रतिष्ठा लगी दाव पर, प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत

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अल्मोड़ा। नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे सभी दस दावेदारों ने अपने अपने समर्थकों के साथ के चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। सभी प्रत्याशियों ने डोर टू डोर जाकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। वहीं, इस बार के बदले चुनावी समीकरणों के बीच आम मतदाता की एक अजीब सी खामोशी ने सभी प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों की बैचेनी को बढ़ने का काम किया है। ऐसे में प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने आने वाले स्टार प्रचारक इस चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने में कितने कामयाब होते है, यह देखने वाली बात होगी। नगर पालिका के अब तक हुए चुनाव में पालिकाध्यक्ष पद पर कांग्रेस व निर्दलीयों का ही बोलबाला रहा है। भाजपा को कभी पालिका अध्यक्ष की कुर्सी नसीब नहीं हुई लेकिन, इस बार भाजपा अध्यक्ष पद पर कब्जा पाने के लिए ऐढ़ी चोटी का जोर लगाकर हर जतन कर रही है। जहां क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान की प्रतिष्ठा इस चुनाव से सीधे तौर पर जुड़ी हुईं है। क्योकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में रघुनाथ सिंह चौहान ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मनोज तिवारी से नगर क्षेत्र में बहुत बड़ी लीड ली थी और चौहान को भरोसा है कि विधानसभा चुनाव में जनता ने उन्हें जो समर्थन देगी। वह निकाय चुनाव में भी बरकरार रहेगा। लेकिन, वास्तविक रूप से इस बार निकाय चुनाव में बदले राजनैतिक समीकरण एवं नित नए-नए उठापटक ने इस बार की पालिकाध्यक्ष सीट के मुकाबले को रोचक बना दिया है। भाजपा प्रत्याशी कैलाश गुरुरानी के समर्थन में चौहान के अलावा केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा व भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल भी समय-समय पर प्रचार अभियान में जुटे हैं। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश चंद्र जोशी के चुनाव प्रचार में पूर्व विधायक मनोज तिवारी दिन रात मेहनत करने में लगे हुए है। तो, वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा भी समय—समय पर प्रचार कर अभियान को तेज कर रहे है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी के समर्थन में जहां दस नवंबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह अल्मोड़ा पहुुंच रहे है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा के भी 16 नवंबर को आने की संभावना है। भाजपा प्रत्याशी कैलाश गुरुरानी के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी प्रदेश के वित्तमंत्री व संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के आने का कार्यक्रम तय हो रहा है। लेकिन, बदले राजनैतिक समीकरणों के बीच मतदाताओं की खामोशी एक पहली सी लग रही है। ऐसे में देखना यह होगा की क्या कांग्रेस व भाजपा के स्टार प्रचारकों के आने के बाद चुनावी माहौल में कुछ रंगत लौटेगी। इधर, बसपा प्रत्याशी अख्तर हुसैन, सपा के अर्जुन सिंह भाकुनी जहां अपना भाग्य आजमा रहे है। वहीं, कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे अध्यक्ष पद के प्रत्याशी त्रिलोचन जोशी, भाजपा के बागी मनोज बिष्ट “भय्यू“ भी पूरे दमखम के साथ अपने बल पर चुनाव प्रचार अभियान में जुटे है। निर्दलीय पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी, आशीष जोशी व सूबेदार आनंद सिंह बोरा भी अध्यक्ष पद के लिए प्रचार अभियान में जी जान से जुटें है। तो उपपा प्रत्याशी आनंदी वर्मा अपने केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी के सहारे चुनावी माहौल को गरमाने का काम कर रही है। निर्दलीयों के कारण सीट पर बदले राजनैतिक समीकरण ने प्रमुख राष्ट्रीय दल भापजा एवं कांग्रेस के प्रत्याशियों एवं नेताओं की नींद हराम किए हुए है।

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