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गौला खनन वाहनों की हड़ताल का दूसरा दिन, नंधौर के दो हजार वाहन भी हुए खड़े

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हल्द्वानी। क्रेशर स्वामियों द्वारा ढुलान भाड़ा कम करने के विरोध में गौला नदी में उप खनिज का ढुलान करने वाले सात हजार से अधिक वाहन स्वामियों का आंदोलन आज दूसरे दिन भी जारी रहा। हड़ताल के दूसरे दिन नंधौर ने भी समर्थन देते हुए अपना खनन कार्य ठप कर दिया है। इस तरह गौला व नंधौर में करीब नौ हजार से अधिक खनन वाहनों के पहिए जाम हो गए हैं। वहीं हल्द्वानी में खनन से जुड़े वाहन स्वामियों ने गौलापार स्टेडियम के पास खोेले गए निजी कंपनी के गेट पर भी जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। स्टोन क्रेशर संचालकों के उपखनिज के दामों कम किए जाने की मांग को लेकर गौला खनन वाहन स्वामियों की हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के दूसरे दिन सोमवार को गौला के 11 खनन गेटों से उपखनिज की निकासी पूरी तरह से ठप रही। इसके साथ ही गौला से जुड़े वाहन स्वामियों ने गौलापार
स्टेडियम के पास खोले गए निजी कंपनी के सद्भावना खनन गेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करते हुए गेट पर निकासी बंद कर दी। खनन संघर्ष समिति के सचिव पम्पी सैफी ने कहा कि वाहन स्वामी बरेली रोड स्थित स्टोन क्रेशर भी पहुंचे थे। वहां भी उपखनिज को बिक्री बंद करा दी गई। वहीं शीशमहल समेत तमाम खनन गेटों पर खनन कारोबारियों ने पहुंचकर निकासी पूरी तरह से बंद कराई। गौला खनन मजदूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में दर्जनों खनन कारोबारियों ने शीशमहल गेट में पहुंचकर प्रदर्शन किया और गेटों से निकासी बंद कराई। इस दौरान उन्होंने कहा कि गौला में खनन बंद होने से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी खनन कारोबारियों से वार्ता के लिए नहीं आ रहे है।
उन्होंने बताया कि गौला खनन वाहन स्वामियों के आंदोलन को नंधौर के खनन वाहन स्वामियों ने भी अपना समर्थन देते हुए खनन कार्य बंद रखा।

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