हल्द्वानी/ बागेश्वर। कल देर रात गुजरात के सूरत से हल्द्वानी के काठगोदाम पहुंचे स्पेशल ट्रेन से उत्तराखंड लौटे 12सौ प्रवासियों की संख्या को लेकर एक ही विभाग अलग अलग आंकड़े दे रहा है। सूचना विभाग ने हल्द्वानी में देर रात जारी प्रेस नोट में बताया कि गुजरात से आई विशेष ट्रेन से आए 1200 लोगों में से बागेश्वर के 291 लोग थे।

हल्द्वानी में सूचना विभाग द्वारा जारी प्रेसनोट का हिस्सा

हल्द्वानी में सूचना विभाग द्वारा जारी प्रेसनोट का हिस्सा


उन्हें जांच पड़ताल के बाद बागेश्वर के लिए रवाना किया जाएगा। लेकिन आज जब बसों में सवार होकर ये लोग बागेश्वर पहुंचे तो जनपद के सूचना विभाग ने मोर्चा संभाला और बाकायदा प्रेस नोट जारी करके बताया कि इस ट्रेन से काठगोदाम और फिर बसों द्वारा बागेश्वर पहुंचने वाले लोगों की संख्या 370 है। अब सवाल यह उठता है कि हल्द्वानी से चले 291 लोग बागेश्वर पहुंच कर 370 कैसे हो गए।

बागेश्वर में सूचना विभाग द्वारा जारी प्रेसनोट का हिस्सा

बागेश्वर में सूचना विभाग द्वारा जारी प्रेसनोट का हिस्सा


जब इस मामले में सूचना विभाग से सवाल किया गया तो उनका जवाब था कि हल्द्वानी से जारी किए गए प्रेस नोट में बच्चे नहीं जोड़े गए थे। जबकि बागेश्वर में बच्चों की संख्या भी इसमें जोड़ दी गई। बड़ा सवाल यह उठता है कि महामारी काल में लोगों को गिनने का मानक क्या प्रदेश सरकार ने तय नहीं किया। दरअसल सूचना विभाग वही बोल रहा है जो स्वास्थ्य विभाग ने गिना। इसका अर्थ यह हुआ कि स्वास्थ्य विभाग बच्चों से कोरोना संक्रमण होने के खतरे को स्वीकार नहीं करता। जबकि संक्रमण किसी भी व्यक्ति से फैल सकता है और डाटा इंट्री में सभी को अलग अलग गिना जाना चाहिए। यदि बच्चों की वजह से संक्रमण फैला तो स्वास्थ्य विभाग के पास उनकी जानकारी ही नहीं होगी। तब वह कैसे समस्या का समाधान कर सकेगा।

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