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ऋषिकेश न्यूज़ : गांवों में लगातार जारी है एम्स की सोशियल आउटरीच सेल की मुहिम

देहरादून। एम्स ऋषिकेश के सोशियल आउटरीच सेल की ओर से भारत सरकार के उन्नत भारत अभियान के तहत कोविड-19 की रोकथाम के लिए विभिन्न गांवों में जनजागरुकता मुहिम सतत् रूप जारी है। जिसके तहत क्षेत्र के चिह्नित पांच गांवों में से चार में अब तक आउटरीच सेल की टीम ग्रामीणों को इस विश्वव्यापी बीमारी के प्रकोप, कारण व बचाव के प्रति जागरुक कर चुकी है। बताया गया है कि उन्नत भारत अभियान के तहत कोविड-19 के प्रति जनजागरुकता मुहिम के लिए क्षेत्र के पांच गांवों थानो, रानीपोखरी, श्यामपुर, गंगाभोगपुर व रायवाला गांव को चिह्नित किया गया है।

उन्नत भारत अभियान के तहत अब तक चार गांवों के लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए जागरुक किया गया। इसके साथ ही संबंधित ग्रामसभाओं को एम्स आउटरीच सेल की ओर से सेनिटाइजर एवं मास्क का वितरण भी किया गया। अभियान से जुड़े सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि वह कोरोना वायरस से संबंधित जानकारियां, शंकाएं एवं बचाव के उपायों के बाबत जागरुकता कार्यक्रमों के लिए कभी भी आउटरीच सेल से संपर्क स्थापित कर सहयोग ले सकते हैं।

इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि संस्थान का आउटरीच सेल के द्वारा गांव-गांव तक कोरोना के लिए जनजागरुकता मुहिम चलाकर लोगों को इस महामारी के प्रति जागरुक किया जा रहा है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कोविड19 के बाबत उचित व सही जानकारी देना है, इसी क्रम में आसपास के गांवों को मुहिम से जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि चिह्नित पांच गांवों में चार में गंगाभोगपुर, रानीपोखरी, थानो व श्यामपुर में अब तक अभियान चलाकर लोगों को कोविड19 को लेकर जागरुक किया जा चुका है, जल्द ही पांचवें गांव रायवाला में भी अभियान चलाया जाएगा। एम्स आउटरीच सेल के नोडल ऑफिसर डा. संतोष कुमार ने बताया कि संबंधित गांवों के लोगों ने एम्स ऋषिकेश द्वारा उन्नत भारत अ​भियान के तहत चलाई जा रही जनजागरुकता मुहिम की सराहना की है।

उन्होंने बताया कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाने व ग्रामीणों को जागरुक करने के लिए आईआईटी दिल्ली व काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च सीएसआईआर की ओर से ​विभिन्न प्रोजेक्ट्स बनाए गए हैं। उन्नत भारत अ​भियान के अंतर्गत एम्स की टीम द्वारा गांवों की विजिट के दौरान गूगल मीट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को इन स्वरोजगार व ग्राम्य विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी गई। बताया गया कि इन प्रोजेक्टों के तहत मधुमक्खी पालन, फल एवं सब्जी संबंधी उद्योग, मल्टी ग्रेन हाई प्रोटीन टेक्नालॉजी, कॉफी उद्योग आदि को लेकर भी जागरुक किया गया।

उन्होंने बताया कि उक्त विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए आईआईटी दिल्ली व सीएसआईआर के वैज्ञानिक गांवों में आकर उचित स्थान का चयन करेंगे, इन उद्योगों की स्थापना के लिए गांवों का चयन का अधिकार भी पूरी तरह से उक्त संस्थानों के ही रहेगा। इस अवसर पर गंगाभोगपुर की ग्राम प्रधान बबीता देवी, रानीपोखरी प्रधान सरिता देवी, श्यामपुर प्रधान संगीता थपलियाल, थानो की प्रधान रेखा बहुगुणा, गौहरीमाफी रायवाला प्रधान रोहित नौटियाल के अलावा एम्स आउटरीच सेल से जुड़े डॉ. भीमदत्त सेमवाल, डॉ.नवीन, हिमांशु, विकास सजवाण आदि मौजूद थे।

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