• भाजपा नेता और पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत पर टेंडर निरस्त कराने का आरोप
  • भड़के महरखोला के ग्रामीण, आमरण अनशन की चेतावनी

सीएनई रिपोर्टर, रानीखेत

ताड़ीखेत ब्लॉक के अंतर्गत धूराफाट के महरखोला के लिए ‘मेरा गांव मेरी सड़क योजना’ के तहत स्वीकृत संपर्क मार्ग के निर्माण कार्य का टेंडर निरस्त होने से ग्रामीण नाराज हैं। भाजपा नेता और पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत पर टेंडर निरस्त कराने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंका और संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन भेजकर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि प्रक्रिया को शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो आमरण अनशन किया जाएगा।

बता दें कि विगत दिवस महरखोला के लिए प्रस्तावित एक किलोमीटर संपर्क मार्ग के टेंडर की प्रक्रिया तारीख ए ब्लॉक मुख्यालय पर संपन्न कराई गई। इस सड़क का निर्माण कार्य ब्लॉक के माध्यम से होना है, लेकिन इसी के साथ विवाद भी शुरू हो गया। मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब टेंडर प्रक्रिया निरस्त होने की सूचना मिली। ग्रामीणों का आरोप है की पूर्व प्रमुख और भाजपा नेता धन सिंह रावत ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए प्रशासन पर दबाव बनाकर इस प्रक्रिया को निरस्त करा दिया।


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संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना देते लोग

ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं। अब मंजूरी मिली है तो इसे लटका दिया गया है। गुस्साए ग्रामीणों और क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय के माध्यम से जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने कहा है कि बेवजह निर्माण कार्य में रुकावट डाली जा रही है। निविदा की प्रक्रिया को शीघ्र बहाल करते हुए सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो आमरण अनशन किया जाएगा। इस मौके पर ग्रामीण ग्रामीण गांधी चौक पर गए। यहां भाजपा नेता धन सिंह रावत का पुतला जलाया गया।

इस मौके पर ब्लाक प्रमुख हीरा सिंह रावत, पूर्व प्रमुख श्रीमती रचना रावत, मधुली देवी, निशा देवी, धना देवी, हीरा देवी, भोजपुरी देवी, भावना देवी, गंगा देवी, राधा देवी, गाउली देवी, मुन्नी देवी, मोहिनी देवी, विमला देवी, सावित्री देवी, मीना देवी, अंजली देवी, देवेंद्र महारा, प्रेम सिंह अधिकारी, बालम सिंह, गोपाल सिंह, भुवन फर्सवाण सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

धांधली के आरोपों को बताया निराधार
इस मामले में पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत का कहना है कि ताड़ीखेत ब्लॉक मुख्यालय में योजनाबद्ध तरीके से कुछ लोगों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया और मनमानी की गई। रावत का आरोप है कि ब्लॉक कार्यालय में टेंडर डालने आए कुछ लोगों को इधर—उधर उलझा दिया गया, जिससे निष्पक्ष टेंडर नहीं हो सकते। जिला प्रशासन से इस मामले में जांच की मांग की गई है। खंड विकास अधिकारी रवि सैनी ने धांधली के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि निविदा का समय दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित था। इस बीच जो भी लोग टेंडर डालने पहुंचे उन्हें मौका दिया गया। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया बंद कर दी गई। बीडियो का कहना है कि जांच में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

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