✒️ विडंबना : डॉक्टरी की पढ़ाई क्यों छोड़ दी, रोते हुए बोला छात्र अंग्रेजी नहीं आती

सीएनई डेस्क

भारत के इतिहास में पहली बार कुछ ऐसा होने जा रहा है, जिसकी पहले किसी ने भी कल्पना नहीं की थी। हिंदी भाषी भारत देश के लिए यह गौरव की बात है कि अब डॉक्टरी की पढ़ाई पहली बार हिंदी में भी होगी। यही नहीं कुछ समय बाद अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हिंदी में शुरू हो जायेगी।


दरअसल, आज रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। अब मेडिकल और इंजीनि​रिंग की पढ़ाई भी हिंदी भाषा में हो पायेगी। गौरवपूर्ण बात तो यह है कि सबसे पहले मेडिकल की शिक्षा हिन्दी में शुरू करके सीएम शिवराज सिंह ने मोदी सरकार की इच्छा पूरी की है। उन्होंने कहा कि देश में 8 भाषाओं में पढ़ाई हो रही है। यूजी नीट देश की 22 भाषाओं में हो रही है और 10 राज्य इंजीनियरिंग की पढ़ाई मातृभाषा में पूर्व से ही करवा रहे हैं।

शाह ने आगे कहा कि मातृभाषा से प्रेम करने वालों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। अब हमें अपनी भाषा में शिक्षा मिलेगी। ज्ञात रहे कि मध्य प्रदेश के चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में भी इस बात का जिक्र किया था। गौरव इस बात का है कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति को सबसे पहले मध्य प्रदेश ने जमीन पर उतारा है।

नव क्रांति की होगी शुरूआत
ज्ञात रहे कि उत्तराखंड, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार आदि चंद राज्यों को छोड़ लगभग सभी प्रदेशों में अंग्रेजी का बोलबाला है। हिंदी भाषी राज्य कई प्रतियोगिताओं में मात्र अपनी मातृभाषा के कारण पिछड़ जाते हैं। अब जब इंजीनियरिंग व मेडिकल की पढ़ाई भी हिंदी भाषा में हो सकेगी तो हिंदी भाषा बोलने वालों का इस फील्ड में भी वर्चस्व बढ़ेगा।

डॉक्टरी की पढ़ाई क्यों छोड़ दी, रोते हुए बोला छात्र अंग्रेजी नहीं आती

कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने एक प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है। अब हिन्दी माध्यम में पढ़कर भी गरीब परिवार के बच्चे डॉक्टर बन सकेंगे। इससे पूर्व कई ने तो मेडिकल की पढ़ाई छोड़ दी या फिर आत्महत्या तक सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि मेडिकल की पढ़ाई अंग्रेजी भाषा में है। सीएम ने कहा कि जब उन्होंने एक छात्र से पूछा कि उसने डॉक्टरी की पढ़ाई क्यों छोड़ दी, तो उसने रोते हुए कहा था- मामा अंग्रेजी समझ नहीं आती। सीएम ने कहा कि यह काम तो आजादी के बाद ही हो जाना था, लेकिन यह अब हो रहा है। अंग्रेज चले गए, लेकिन हमें अंग्रेजी का गुलाम बना गए। सीएम ने बताया कि अब 15 नवंबर से हिन्दी में पढ़ाई की शुरुआत हो जायेगी। काउंसिलिंग के बाद आने वाले MBBS के नए बैच के छात्रों को हिन्दी में अनुवादित की गई किताबों से पढ़ाया जाएगा। 15 नवंबर से नए बैच की पढ़ाई हिन्दी में होगी।

Home Minister Amit Shah has launched the country’s first Hindi MBBS course books in Bhopal, Madhya Pradesh. MBBS 1st year Anatomy, Physiology and Biochemistry books have been released which is prepared in Hindi. CM Shivraj Singh Chouhan and State Medical Education Minister Vishwas Kailash Sarang were present during the book launch.

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