सोलनहिमाचल

नालागढ़ कि बगलैहड़ पंचायत के मियांपुर में एक दलित परिवार पर जानलेवा हमला

नालागढ़। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में अब दलित परिवार से संबंधित लोगों पर लगातार हमलों के मामले सामने आ रहे हैं। नया मामला नालागढ़ की बगलैहड़ पंचायत के मियांपुर गांव का है, जहां पर एक दलित परिवार को वन कटान मामले की शिकायत करनी उस समय महंगी पड़ गई जब वन विभाग, राजस्व विभाग अन्य लोगों के सामने ही मारपीट की गई।
आरोप है कि वन विभाग की कथित निशानदेही के खिलाफ आवाज उठाने पर आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया और पहले उसके साथ डंडों से मारपीट की गई जब उसकी पत्नी ने बीच-बचाव करने के लिए विरोध किया और मारपीट की वीडियो बनाने लगी तो उसके ऊपर भी दबंगों ने डंडों से हमला कर दिया और महिला को पकड़कर महिला द्वारा छुपाए गए मोबाइल फोन को जबरन निकाल लिया गया और महिला के साथ भी जमकर मारपीट की गई इस मारपीट में महिला का जहां मोबाइल भी आरोपी ले गए। वहीं लड़ाई के दौरान महिला का मंगलसूत्र भी कहीं गुम हो गया पीड़ितों द्वारा पुलिस चैकी जोघों में शिकायत दर्ज करवाई गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

शिकायत दर्ज होने के 18 दिन बाद भी पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह दलित परिवार से संबंधित है और हमले को 18 दिन बीत चुके हैं और उसके बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई और ना ही पुलिस द्वारा अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट उठाई गई हैं । पीड़ितों ने कहा कि उनके द्वारा सीएम हेल्पलाइन नंबर 1100 दर्ज करवाई गई थी कि उनके गांव में एक परिवार द्वारा अवैध वन कटान किया है जिसको लेकर विभागीय कार्यवाही शुरू हुई तो निशानदेही के लिए उन्हें बुलाया गया और निशान देही भी उल्टी-सीधी की गई और उसके बाद उनके साथ गांव के ही एक परिवार द्वारा मारपीट व हमला किया गया उन्होंने कहा कि वह हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं और घटना के 18 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनके ऊपर पुलिस द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है फिलहाल पीड़ित परिवार द्वारा आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की जहां मांगी गई है वहीं प्रशासन को चेतावनी देकर भी कहा गया है कि अगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह सीएम जयराम ठाकुर से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।

इस बारे में जब हमने डीएसपी नालागढ़ विवेक चाहत से बात की तो उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले में डीडीआर काट दी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में जब हमने आरोपी अरुण एवम पुनीत कौशल से बात की तो उन्होंने कहा कि निशानदेही के दौरान मौके पर बहस बाजी तो हुई थी लेकिन उनके द्वारा किसी से भी मारपीट नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप झूठे हैं और जिन लोगों द्वारा शिकायत की गई है वह सब कुछ झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को मौके पर पहुंचे करीबन 1 दर्जन से ज्यादा लोगों द्वारा बयान भी लिखवाए गए हैं कि मौके पर किसी के साथ कोई भी मारपीट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति उनके ऊपर आरोप लगा रहा है खुद उसके पिता ने भी बयान दिए हैं कि उसके बेटे के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है।

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