नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में देश का पहला वर्चुअल स्कूल शुरू किया जिसमें नौवीं से 12वीं तक पढ़ाई होगी। शिक्षा सत्र 2022-23 के लिए नौवीं कक्षा में दाखिले के लिए बुधवार से आवेदन शुरू किया गया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को देश का पहला वर्चुअल स्कूल की शुरुआत करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सारे क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। एक तरफ स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक किया गया, पढ़ाई अच्छी की गई, शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलवाने के लिए विदेश भेजा गया। कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए। जैसे, हैप्पीनेस क्लासेस, देशभक्ति करिकुलम, बच्चों को बिजनेस सिखाने के लिए एंटरप्रेन्योरशिप क्लासेज शुरू किए गए। इसके अलावा, कई विशेष किस्म के स्कूल शुरू किए गए।

अभी हम एक स्कूल शुरू करने जा रहे हैं जिसमें जो बच्चे ट्रैफिक लाइट के ऊपर भीख मांगते हैं, वो पढ़ेंगे। ये बच्चे एक तरह से समाज के सबसे कमजोर वर्ग के होते हैं। उन बच्चों पर किसी का ध्यान नहीं जाता है और वे किसी का वोट बैंक भी नहीं होते हैं। उन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए एक आवासीय स्कूल बनवा रहे हैं। इसी तरह, हमलोगों ने एक आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी स्कूल बना रहे हैं, जहां बच्चों को फौज में भर्ती करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह से स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई है। इसका मकसद है कि देश ज्यादा से ज्यादा ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल लेकर आए।




केजरीवाल ने कहा कि हम बार-बार कहते हैं कि हम सबको मिलकर भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाना है। भारत दुनिया का नंबर वन देश तब तक नहीं बन सकता, जब तक इस देश के हर बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा नहीं लगेगी और यह काम हमें बहुत कम समय में करना है। अपने 75 साल खराब हो गए हैं। बहुत कम समय में अपने को हर बच्चे तक अच्छी से अच्छी शिक्षा पहुंचानी है। यह कैसे होगा? उस दिशा में आज मैं जो एलान करने जा रहा हूं, यह एक बहुत महत्वपूर्ण और बहुत ही क्रांतिकारी कदम है। यह शिक्षा के क्षेत्र में एक नई तरह की क्रांति पैदा करने वाला है।

आज हम देश का पहला वर्चुअल स्कूल शुरू करने जा रहे हैं। कोरोना के वक्त जब स्कूल बंद थे, तब स्कूलों में वर्चुअल क्लासेस लगा करती थी। उन वर्चुअल क्लासेज से प्रेरणा लेकर के हम लोग ने यह नए तरह का वर्चुअल स्कूल चालू किया है। हमारा अपना यह मानना है कि स्कूल तो होना ही चाहिए और बच्चों को क्लास में फिजिकली आना ही चाहिए, लेकिन किसी भी कारण से जिन बच्चों तक फिजिकल स्कूल मुहैया नहीं हो पा रहा है, उन तक कम से कम शिक्षा तो पहुंचे। यह वर्चुअल स्कूल उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि इसमें सभी क्लासेज ऑनलाइन होंगी। जो बच्चे ऑनलाइन कक्षा ले सकते हैं। जो बच्चे ऑनलाइन कक्षाएं अटेंड नहीं भी कर सकते हैं, तो उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं रिकॉर्ड में डाल दी जाएंगी। वो बच्चा जब भी फ्री होगा, तो वो अपनी क्लास को देख सकता है। इस स्कूल का नाम दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल है। डीएमवीएस की आज से शुरुआत की जा रही है। यह स्कूल 9वीं से 12वीं तक का होगा। चूंकि अभी इस स्कूल की शुरुआत है।

इसलिए शिक्षा सत्र 2022-23 के लिए नौवीं क्लास में एडमिशन के लिए आज से आवेदन मांगे जा रहे हैं। इसमें यह जरूरी नहीं है कि छात्र दिल्ली का ही रहने वाला हो। देश के किसी भी कोने से, गांव और शहर के किसी भी कोने से कोई भी बच्चा इस स्कूल में एडमिशन के लिए आवेदन कर सकता है। कोई भी छात्र स्कूल की वेबसाइट www.dmvs.ac.in पर जाकर एडमिशन के लिए आवेदन कर सकता हैं। इसमें 13 से 18 साल का कोई भी बच्चा, जिसने आठवीं कक्षा की पढ़ाई किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से की है, वो बच्चा इस स्कूल में नौवीं क्लास में दाखिला के लिए आवेदन कर सकता है। यह स्कूल, दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से एफिलिएटिड होगा।

केजरीवाल ने कहा कि हम इस स्कूल में बच्चों को न केवल पढ़ाएंगे, बल्कि 11वीं और 12वीं में जेई, नीट समेत ऐसे सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी बच्चों की मदद करेंगे। हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए विशेषज्ञों को लेकर आएंगे, ताकि बच्चों को उसके लिए तैयार किया जा सके। अलग-अलग विषयों की अलग-अलग तैयारी करवाई जाएगी।

कौशल आधारित तैयारियां भी कराई जाएगी। ताकि जो बच्चे इसके साथ-साथ कुछ प्रोफेशन भी करना चाहें, तो वो पार्ट टाइम प्रोफेशन भी कर सकते हैं। इसमें एक स्कूलिंग प्लेटफार्म होगा और हर बच्चे को एक आईडी और पासवर्ड दिया जाएग। वह बच्चा उस आईडी और पासवर्ड से स्कूलिंग प्लेटफार्म पर लॉगिन करेगा। लॉगिन करने के बाद वह लाइव क्लासेज अटेंड कर सकता है, वह रिकार्डेड वीडियो को एक्सेस कर सकता है।

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