अल्मोड़ाउत्तराखंड

अल्मोड़ा : बेतहाशा किराया वृद्धि देख चौंके जिला पंचायत के आवासीय किराएदार, आवाज उठाई

अल्मोड़ा, 25 अगस्त। जिला पंचायत के चौघानपाटा स्थित परिसर के आवासीय किरायेदार कोरोनाकाल में हुई किराये में वृद्धि से खफा हो चले हैं। उन्होंने एकजुट होकर इस बेतहाशा किराया वृद्धि को वापस लेने की मांग उठा दी है। मंगलवार को उन्होंने इस मांग के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन जिला पंचायत अध्यक्ष तथा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को सौंपे।
ज्ञापन में कहा गया है कि जिला पंचायत द्वारा जून 2020 से आवासीय कक्षों का किराया 6 रूपया प्रति वर्ग फिट से बढ़ाकर 10 रूपया प्रति वर्ग फिट कर दिया और किराये में 66.06 प्रतिशत की मासिक वृद्धि की गई है। जो किसी भी दशा में न्यायोचित नहीं है। पूर्व में किराये में 3 वर्ष बाद 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि की जाती रही है। यह भी कहा है कि जिला पंचायत के आवासीय कक्षों के सभी किरायेदार पूर्व की भांति तीन वर्ष बाद किराये में 10 से 15 प्रतिशत वृद्धि होने पर किराया देने में सहमत हैं। वर्तमान में कोविड—19 के चलते सभी किरायेदारों का कार्य बुरी तरह प्रभावित है तथा आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में बेतहाशा किराया वृद्धि उचित नहीं है। यह भी कहा है कि कई किरायेदारों द्वारा जिला पंचायत को आवासीय कक्ष आवंटित करने से पहले पचास हजार से एक लाख रूपये तक का नान रिफंडेबल बिल प्रीमियम भी दिया है। ज्ञापन में वर्तमान कोरोना महामारी व आर्थिक मंदी को देखते हुए किराये में 66.6 प्रतिशत की वृद्धि को निरस्त कर पूर्व की भांति किराये में 10—15 प्रतिशत की वृद्धि ही करने की मांग शामिल है। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह रावत, हेमा मावड़ी, कृष्णा चौहान, प्रेम सिंह कार्की, इंद्रा आर्या, आशा तिवारी, अख्तर हुसैन, भवान राम, एडवोकेट प्रमोद कुमार, रमेश चंद्र, मंजू बिष्ट, पूनम रावत, कमला, दीपा देवी, प्रकाश बिष्ट, सुरेश उप्रेती, नंदन सिंह, बाबू खान, शोभा देवी, गिरीश कुमार, अजय कुमार, लक्ष्मी देवी आदि शामिल हैं।

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