अल्मोड़ाउत्तराखंड

अल्मोड़ा न्यूज: महिलाओं व दलितों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई, धरना—प्रदर्शन व सभा में उठाए सवाल

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
महिलाओं, दलितों व कमजोर तबके के लोगों पर अत्याचारों के खिलाफ मंगलवार को यहां विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रुप से विरोध प्रदर्शन किया और आठ सूत्रीय मांगें उठाई।
भारतीय किसान सभा, सीआईटीयू, अखिल भारतीय खेत मज़दूर संगठन, जनवादी नौजवान सभा, जनवादी महिला समिति, दलित शोषण मुक्ति मंच आदि संगठनों के लोग यहां चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में एकत्रित हुए। जहां उन्होंने देश के अंदर महिलाओं, दलितों व सामाजिक रूप से कमजोर तबकों पर अत्याचार के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध का समर्थन किया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वहीं धरना देते हुए सभा की। सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार की अदूरदर्शी नीतियों ने देश की जनता के तमाम वर्गों को गंभीर संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में दलितों, अल्पसंख्यकों तथा कमजोर तबके के लोगों पर अत्याचारों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। संवैधानिक अधिकारों को खत्म किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 19 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार तथा उसकी हत्या हिंसा की परकाष्ठा है। इसमें प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की भूमिका बेहद चिंता की तरफ इशारा करती है।
वक्ताओं ने धरना—प्रदर्शन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हाथरस घटना की समयबद्ध प्रभावी जांच कराने, कर्तव्यपालन में कोताही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों को कड़ी सजा देने, पीड़िता के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्नाव समेत ऐसे सभी प्रकरणों के पीड़ितों को न्याय दिलाने, जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिशों का पालन कराने, भूमिहीनों को जमीन तथा आवास मुहैया कराने, सबके लिए रोजगार तथा न्यूनतम मजदूरी लागू किये जाने तथा आरक्षण को संवैधानिक तरीके से लागू करने, दलितों व महिलाओं पर अत्याचार व हिंसा रोकने संबंधी कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांगे पुरजोर तरीके से उठाई। धरने में किसान सभा के दिनेश पांडे, सीटू के आरपी जोशी, एडवा की सुनीता पांडे, मुन्नी प्रसाद, स्वप्निल पांडे, यूसुफ तिवारी, शाहनवाज अंसारी, मुमताज़ अख्तर आदि ने भाग लिया।

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