सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

अल्मोड़ा जेल में एसटीएफ की रेड में कैदियों से मोबाइल व नगदी मिलने के बाद अलर्ट मोड में आये पुलिस प्रशासन ने तबातोड़ कार्रवाईयों का सिलसिला शुरू कर दिया है। एसटीएफ की ओर से जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुख्यात अपराधी महिपाल सिंह व एनडीपीएस एक्ट में बंद कैदी अंकित बिष्ट के खिलाफ कोतवाली में आज बुधवार को मुकदमा दर्ज करा दिया है।

जेल में कैदियों तक मोबाइल, नगदी व अन्य प्रतिबंधित सामान किसने पहुंचाया, पुलिस इसकी पड़ताल में जुट गई है। मामले में कई और संदिग्ध लोग पुलिस के रडार में है। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि जेल में बंद कैदी महिपाल सिंह व अंकित बिष्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है। बताते चले कि ड्रग्स तस्करी का काला कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए बीते मंगलवार को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अल्मोड़ा जेल में रेड डाली थी। एक साल के भीतर अल्मोड़ा जेल में एसटीएफ की यह चौथी रेड है। इस दौरान जेल में बंद कैदियों से एक मोबाइल, एअर फ़ोन व 24 हजार की नगदी मिली थी।


उल्लेखनीय है कि अल्मोडत्रा जेल में बंद महिपाल उर्फ बड़ा और उसका साथी अंकित बिष्ट उर्फ अंगीदा नशा रैकेट चला रहा था। गत दिवस पड़े छापे के दौरान एसटीएफ ने महिपाल से मोबाइल फोन और 24 हजार रुपये बरामद किए। एसटीएफ की सात टीमों ने देहरादून समेत कई स्थानों पर छापेमारी के दौरान पांच अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया था, जिनसे बड़ी मात्रा में चरस-गांजा मिला था।

सात टीमों ने मंगलवार को अल्मोड़ा जेल, पौड़ी, कोटद्वार, देहरादून, ऋषिकेश समेत कई जगहों पर छापेमारी की। महिपाल उर्फ बड़ा निवासी जाटव बस्ती ऋषिकेश हत्या मामले में अल्मोड़ा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। जिनमें से महिपाल और साथी अंकित बिष्ट पुत्र सादर सिंह बिष्ट निवासी नींबूचौड़ कोटद्वार भी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाया गया।

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