— पानी का रिसाव से गांव को खतरे की आशंका

— प्रशासन का भू वैज्ञानिकों से जांच कराने का निर्णय

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर


उत्तर भारत हाइड्रो पावर की सुरंग के ऊपर भू-धंसाव होने से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार काफी मात्रा में पानी का भी रिसाव हो रहा है। रास्ते के नीचे बड़ा गड्ढा बन गया है और वह धंसते जा रहा है। घुघुलेख (खारबगड़) गांव को खतरा पैदा हो गया है। सूचना के बाद तहसील प्रशासन और उत्तर भारत की टीम ने मौका मुआयना किया और अब भू-वैज्ञानिकों से जांच कराने का निर्णय लिया है। महिलाओं ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।

शनिवार को खारबगड़ के समीप सुरंग के ऊपर और नाचती इंटर कालेज के रास्ते के ठीक नीचे की भूमि धंसने लगी। भारी मात्रा में पानी का रिसाव भी होने लगा। घुघुलेख के ग्रामीण दहशत में आ गए। महिलाएं, बच्चे और पुरुष घटना स्थल पहुंच गए। ग्रामीण हयात सिंह बड़ती ने उत्तर भारत हाइड्रो पावर कंपनी को सूचना दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने जिलाधिकारी को फोन किया। उन्होंने कहा कि टनल के ऊपर की जमीन धंस रही है। भारी मात्रा में पानी भी निकल रहा है। जिससे लगभग 500 की आबादी को खतरा हो गया है। जिलाधिकारी विनीत कुमार ने एसडीएम कपकोट को निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कानूनगो त्रिभवुन नेगी टीम वहां पहुंची। एसडीएम पारितोष वर्मा ने बताया कि भू-धंसाव और पानी का रिसाव हो रहा है। हाइड्रो पावर कंपनी को दिशा निर्देश दिए गए हैं।

इधर, उत्तर हाइड्रो पावर के कमलेश जोशी ने बताया कि 2016 में सुरंग बन गई थी। छह वर्ष बाद भू-धंसाव की समस्या नहीं हो सकती है। एक सड़क भी बन रही है। यह जांच का विषय है। भू-वैज्ञानिकों की टीम बुला दी है। उसके बाद ही रिसाव सुरंग से हो रहा है या फिर अन्य कारण हैं। उसका पता चल सकेगा। गांव की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

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