✒️ पब्लिक बोली सुधारो व्यवस्था, अधिकारी बोले मजबूरी है

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

दीपावली पर्व से पूर्व नगर क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में बार-बार चल रही विद्युत कटौती से आम लोग खासे परेशान हैं। रविवार को जहां पूरे दिन नगर में बिजली गुल थी, वहीं आज सोमवार को भी बार-बार कई घंटों के लिए विद्युत कटौती चल रही है। घरों, बाजारों व दफ्तरों में विद्युत कटौती से लोग खासे परेशान हैं और विभाग को कोस रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड पावर कारपोरेशन (ऊर्जा निगम) ने गत दिवस रविवार को 33 केवी विद्युत उप संस्थान लक्ष्मेश्वर, बख, खत्याड़ी, कोसी, सोमेश्वर, तोली, दन्या, जैंती, लमगड़ा, तोली, ताकुला में 33 केवी विद्युत लाइनों के ऊपर से गुजर रहे पेड़ों की टहनियों की लॉपिंग की थी। जिसके चलते सुबह 10 बसे से शाम लगभग 06 बजे तक आपूर्ति ठप रही। Power Transmission Corporation of Uttarakhand Limited (Pitkul) की ओर से भी स्यालीधार स्थित 132 केवी विद्युत उप केंद्र में सुधारीकरण का काम किया गया। जिस कारण इस संस्थान से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।


आज सोमवार को अल्मोड़ा नगर के अधिकांश इलाकों में सुबह करीब पांच बजे से बिजली गुल हो गई। दोपहर करीब 12 बजे बिजली आई, लेकिन बार-बार कटौती चल रही है। बताया जा रहा है कि बिजलीघर में कोई बड़ा फॉल्ट आने से ये दिक्कत बार-बार हो रही है। इधर बिजली न होने से कोसी स्थित जल संस्थान के तीनों पंप रविवार को ठप रहे और नगर समेत आसपास की करीब डेढ़ लाख की आबादी को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। बिजली कटौती से विद्युत संचालित सभी उपकरण बेकार हो जा रहे हैं। लोग अपना मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पा रहे। घरों व दफ्तरों में लगे इंवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। कोसी स्थित जल संस्थान के पंप ठप रहने से कोसी से एडम्स, सर्किट हाउस पातालदेवी आदि टैंकों में पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है। नगर समेत कसारदेवी, डीनापानी, चितई पंत, सिराड़, फलसीमा, पपरसली, लोधिया, बर्शिमी, पहल, सैनार, खत्याड़ी आदि इलाकों के लोग पेयजल आपूर्ति भी ठप रहने की शिकायत कर रहे हैं।

वहीं अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम अल्मोड़ा कन्हैया जी मिश्रा ने कहा कि संडे को 33 केवी विद्युत उप संस्थान लक्ष्मेश्वर, बख, खत्याड़ी, कोसी, सोमेश्वर, तोली, दन्या, जैंती, लमगड़ा, तोली, ताकुला में 33 केवी विद्युत लाइनों के ऊपर से गुजर रहे पेड़ों की टहनियों की लॉपिंग की गई थी। जिस कारण गत दिवस सुबह 10 बसे से बिजली आपूर्ति ठप रही थी। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की ओर से भी स्यालीधार स्थित 132 केवी विद्युत उप केंद्र में सुधारीकरण का काम किया गया। इस संस्थान से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। आज सोमवार को कुछ फाल्ट आये हैं, जिनका निराकरण कर दिया जायेगा।

ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि दिपावाली पर लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति कराने के लिए 33 केवी लाइनों के आसपास से गुजर रही पेड़ की टहनियों की लॉपिंग करना भी जरूरी था। दीपावली में विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो, इसलिए पूर्व व्यवस्थायें की जा रही हैं। इधर अधिशासी अभियंता जल संस्थान अल्मोड़ा अरुण कुमार सोनी के अनुसार रात को यदि पंप चलते रहे तो सुबह के समय पेयजल आपूर्ति में दिक्कत नहीं आती है। पंप विद्युत आपूर्ति पर ही निर्भर रहते हैं।

एक-डेढ़ घंटे से अधिक न हो कटौती, व्यापारी हित को दें प्राथमिकता : सुशील साह

व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष सुशील साह ने कहा कि बाजार में बड़ी मुश्किल से थोड़ा व्यापार पटरी पर आया है, लेकिन लंबी विद्युत कटौती होने से इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि मजबूरी में बिजली कटौती करनी भी है तो इस बात का ध्यान रखा जाये कि किसी भी हालत में एक-डेढ़ घंटे से ज्यादा की कटौती नहीं हो, ताकि व्यापार पर इसका दुष्प्रभाव नहीं पड़े। चूंकि अभी दीपावली सीजन भी चल रहा है इसलिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को व्यापारियों के हितों को भी देखना चाहिए।

यदि यही हाल रहा तो करेंगे घेराव : दीपक वर्मा

स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष, व्यापारी नेता व सभासद दीपक वर्मा ने कहा कि फॉल्ट आने या किसी मजबूरी में भी विभाग यदि विद्युत कटौती करता है तो वह अल्प समय के लिए होनी चाहिए, न कि सुबह से शाम तक कि विद्युत कटौती। रविवार को जिस तरह पूरा दिन बिजली की कटौती कर दी गई तथा आज सोमवार को सबुह से ही बिजली गुल हो गई, इससे व्यापारियों को भी बहुत दिक्कत पेश आई। उन्होंने कहा कि यदि विभाग ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली तो मजबूर होकर अधिकारियों का घेराव किया जायेगा।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here