कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को ज्ञापन
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को ज्ञापन

✒️ पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने उठाई मांग

✒️ खाद्य एवं रसद मंत्री रेखा आर्य को सौंपा ज्ञापन

✒️ खाद्यान्न की डोर स्टेप योजना का पुरजोर विरोध

CNE REPORTER / पर्वतीय सस्ता गल्ला कल्याण समिति अल्मोड़ा ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। ऐसा ना होने की दशा में 32 फरवरी के बाद उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

विक्रेताओं ने ज्ञापन में गत बैठक में सर्वसम्मिति से लिये गये निर्णयों से मंत्री को अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि सर्वसमिति से निर्णय लिया गया है कि यदि माह फरवरी 2023 तक संपूर्ण मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जायेगा। शासन से मांग की गयी कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत बांटे गये खाद्यान्न के अवशेष बिलों दिसम्बर, 21 जनवरी, फरवरी मार्च एवं अक्टूबर-नवम्बर-दिसम्बर, 2022 के बिलों का भुगतान एक-दो माह के अंदर करवाया जाये।

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उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जनवरी, 2023 से एन०एफ०एस०ए० एवं अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत बांटे जाने वाले खाद्यान्न को नि:शुल्क कर दिया गया है, लेकिन विक्रेताओं के लाभांश एवं भाडे़ के बारे में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किये गये हैं। शासन से मांग की गयी है कि विक्रेताओं एवं भाडे़ का भुगतान प्रत्येक माह सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश न होने के कारण ही अल्मोड़ा जनपद के विक्रेता माह जनवरी, 23 से ही खाद्यान्न वितरण का बहिष्कार कर रहे हैं।

बैठक में खाद्यान्न के डोर स्टेप योजना का विरोध किया गया तथा निर्णय लिया गया कि यदि योजना को लागू किया गया तो तत्काल प्रभाव से खाद्यान्न वितरण बन्द कर दिया जायेगा। मांग करी कि जनपद से जहां इसे प्रारम्भ कर दिया गया है उसे तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया है कि विक्रेताओं को शीघ्र जीवन बीमा का लाभ दिया जायेगा तथा नेट चार्ज भी एक माह में स्वीकृत हो जायेगा परन्तु प्रगति शून्य है। सरकार जानबूझकर विकताओं के हितों की उपेक्षा कर रही है। अतः शीघ्र नेट चार्ज स्वीकृत किया जाय तथा विक्रेताओं को जीवन बीमा का लाभ दिया जाए।

सरकार से मांग की गयी है कि विक्रेताओं को प्रत्येक माह मानदेय के रूप में पचास हजार स्वीकृत किया जाए। ज्ञात हो की कई राज्यों में मानदेय स्वीकृत भी किया जा चुका है। संगठन द्वारा सरकार से यह भी मांग की जाती है कि कम से कम 10 किलो चावल 10 मिलो गेहूं (एस०एफ०वाई) कार्ड में सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। राज्य योजना के अन्तर्गत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभांश भी केन्द्रीय योजना के अन्तर्गत मिलने वाले खाद्यान्न के बराबर होना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के जिला महामंत्री केशर सिंह खनी, प्रदेश संयोजक अभय साह, प्रदेश अध्यक्ष मनोज वर्मा, जिलाध्यक्ष संजय साह ‘रिक्खू’ आदि शामिल रहे।

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