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हरभजन ने क्रिकेट को कहा अलविदा… 23 साल के करियर के बाद टर्बनेटर ने किया संन्यास का ऐलान

नई दिल्ली। दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से शुक्रवार को संन्यास ले लिया है। हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर के जरिए अपने संन्यास का ऐलान किया। इसके साथ ही उनके 23 साल के करियर का समापन हुआ। पंजाब के हरभजन ने अपने शानदार करियर के दौरान 103 टेस्ट में 417 विकेट, 236 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 269 विकेट और 28 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 25 विकेट निकाले हैं।

41 साल के हरभजन ने लिखा, ‘मैं उस खेल को अलविदा कह रहा हूं जिसने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है, सभी अच्छी चीजें भी समाप्त हो जाती हैं। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस 23 साल के लंबे सफर को बेहतरीन और यादगार बनाया।’

हरभजन सिंह अगले IPL सीजन के लिए किसी एक टीम के साथ बतौर कोच या मेंटर जुड़ सकते हैं। हरभजन सिंह ने भारत के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला साल 2016 में UAE के खिलाफ एशिया कप टी-20 में खेला था। वहीं हरभजन पिछले IPL सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े थे। News WhatsApp Group Join Click Now

ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने पिछले IPL में सिर्फ 3 मुकाबले खेले थे जिसमें से उन्हें एक भी मुकाबले में सफलता नहीं मिली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हरभजन सिंह किसी एक आईपीएल टीम के साथ कोच या मेंटर की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही आईपीएल के मेगा ऑक्शन में भी टीम के लिए वह अहम भूमिका निभा सकते हैं। हरभजन इसके पहले IPL में चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के लिए खेलते नजर आए थे।

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टेस्ट क्रिकेट में बनाई थी शानदार हैट्रिक
टर्बनेटर के नाम से मशहूर हरभजन सिंह की गिनती दिग्गज ऑफ स्पिनरों के रूप में होती है। हरभजन ने अपनी गेंदबाजी से टीम इंडिया को कई मुकाबले जिताए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में हैट्रिक भी झटकी थी। हरभजन उस वक्त सिर्फ 21 साल के थे और उस मुकाबले के बाद हरभजन सिंह टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन गए थे।

दरअसल, उन्होंने मार्च 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 32 विकेट झटके थे, जिसमें एक भारतीय द्वारा पहली टेस्ट हैट्रिक भी शामिल थी। यह उनके शानदार करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है।

लेग स्पिनर अनिल कुंबले के साथ उनकी जोड़ी ने टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। 2000 से लेकर 2010 तक हरभजन सिंह और अनिल कुंबले की जोड़ी ने ही भारतीय स्पिन का मोर्चा संभाला था।

दिग्गज स्पिनर रभजन सिंह अपने करियर में 2011 विश्व कप और 2007 टी-20 विश्व कप विजेता टीम के भी सदस्य रहे। उन्होंने 2011 के विश्व कप में 9 विकेट हासिल किए थे और 2007 टी-20 विश्व कप में 7 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई।

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