— बागेश्वर-जौलकांडे मोटरमार्ग के हाल
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
सीएम के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिकारी सक्रिय रहे, लेकिन जैसे ही सीएम वापस लौटे, तो फिर से निष्क्रिय हो गए। यह नमूना बागेश्वर-जौलकांडे मोटरमार्ग है। विभाग ने सीएम के आने के एक दिन पहले ही बागेश्वर-जौलकांडे मोटरमार्ग में गड्ढों में मिटटी डालने के लिए जेसीबी लगाई, परंतु सीएम के जाते ही जेसीबी वापस बुला ली। जिससे ग्रामीणों में आक्रोष व्याप्त है।

बागेश्वर-जौलकांडे मोटर मार्ग पीएमजीएसवाई की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। पूर्व में पांच साल का मरम्मत का अनुबंध होने के बाद भी ठेकेदार से विभाग कोई कार्य नहीं करा पाया।जिससे पूरी सड़क खडंजे में तब्दील हो गई। ग्रामीणों के आंदोलन के बाद विभाग ने मार्ग के लिए एक करोड़ 40 लाख काआंगणन शासन को भेजा है। इधर गत दिवस जब मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का बागेश्वरआने का कार्यक्रम बना, तो विभाग ने आनन—फानन में एक जेसीबी भेजकर मिटटी से गड्ढे पाटने का कार्य करवा दिया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद विभाग ने जेसीबी वापस बुला ली।

ग्राम प्रधान प्रिया उप्रेती व उप प्रधान नैना लोहुमी ने विभाग व सरकार पर ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शीध्र सड़क की मरम्मत करने की मांग की है। इधर विभाग के अधिषासी अभियंता जेसी तिवारी ने बताया कि मार्ग की मरम्मत के लिए शासन को आंगणन भेजा है।


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