किच्छा। किच्छा के वार्ड तीन सिसई में गुड़गांव से कुछ दिनों पूर्व लौटे युवक की रिपोर्ट अब कोरोना पॉजिटिव आने से प्रशासन व क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोगों, रिश्तेदारों सहित अब खुद स्वास्थ्य विभाग को भुगतना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जब युवक को होम क्वॉरेंटाइन किया गया था तो उसने नियमों की अनदेखी करते हुए घर से बाहर निकल कर कई लोगों से संपर्क किया और निकटवर्ती ग्राम ननिहाल में भी रिश्तेदार से मिलने खुरपिया फार्म गया था,

युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद खुरपिया फार्म के ग्रामीणों में भी हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद युवक के निवास वाली गली को गत दिवस बैरिकेडिंग लगाकर एहतियातन सील कर दिया है लेकिन खुरपिया फार्म में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्यवाही ना किए जाने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभालते हुए गांव में बाहरी लोगों के आवाजाही पर रोक लगा दी है। ग्रामीणों ने युवक के ननिहाल रिश्तेदार लोगों की भी जांच कर कार्यवाही की मांग की है।

ज्ञात हो कि गत दिवस गुडगांव से लौटे किच्छा के वार्ड तीन सिसई निवासी युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी युवक किराये के मकान में रहता है और उसके साथ उसके माता-पिता के अलावा तीन अन्य भाई-बहन भी रहते हैं। फिलहाल प्रशासन ने सभी को आईसोलेट कर दिया है। युवक को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद किच्छा में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने एहतियातन युवक के संपर्क में आये आस-पास के 16 लोगों को भी क्वारंटीन कर दिया है तथा सिसई गांव की जिस गली में युवक का किराये का घर है उस गली को भी प्रशाशन ने सील कर दिया गया है।


ग्रामीणों के अनुसार होम क्वॉरेंटाइन किए जाने तथा जांच रिपोर्ट आने से पूर्व उक्त युवक खुरपिया फार्म स्थित अपनी ननिहाल भी गया था वहां पर उसने एक दो दिन बिताये थे और कई लोगों के साथ संपर्क में रहा। बताया जा रहा है कि होम क्वारंटीन किया गया यह युवक अपने घर और रिश्तेदारों के साथ-साथ तमाम लोगों के संपर्क में आया था जिन्हें चिन्हित करना अब प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। किच्छा कोतवाली अंतर्गत ग्राम खुरपिया के ननिहाल में आसपास के रहने वाले लोगों तथा युवक के संपर्क में आए लोगों के बीच अब हड़कंप मचा हुआ है।

अगर इसी तरह से ही प्रशासन द्वारा होम क्वॉरेंटाइन करने के बाद संदिग्ध लोगों की देखरेख में लापरवाही बरती गई तो इसका खामियाजा बड़े पैमाने पर जनता को भुगतना होगा और संक्रमण को फैलने से रोक पाना असंभव होगा। प्रशासन को चाहिए कि होम क्वॉरेंटाइन किए गए युवक को प्रतिदिन देखरेख कर प्रशासन को रिपोर्ट करने वाले स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। होम क्वॉरेंटाइन के दौरान अगर ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी प्रतिदिन जांच करता तथा आसपास के लोगों से जानकारी हासिल करता तो निश्चित तौर पर ही संक्रमित युवक घर से बाहर नहीं निकल पाता।

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