कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत

सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल

नैनीताल ग्रीन बैल्ट के असुरक्षित क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर मुडलायुक्त दीपक रावत ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए कड़े दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने एक सप्ताह में नैनीताल में ग्रीन बैल्ट और असुरक्षित क्षेत्र में सर्वे कर अवैध निर्माणों को चिन्हित करने के आदेश सचिव, जिला विकास प्राधिकरण को दिए। साथ ही इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि प्राधिकरण सचिव को अवैध निर्माण की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नैनीताल में असुरक्षित क्षेत्र और ग्रीन बैल्ट की वर्ष 2015 एवं वर्तमान की गूगल इमेज का परीक्षण किया जाये।

⏩ कहा ”सचिव को अवैध निर्माणों की जानकारी न होना एक गम्भीर मामला”

आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत ने कहा कि सचिव को अवैध निर्माणों की जानकारी न होना एक गम्भीर मामला है। मंडलायुक्त दीपक रावत ने सचिव जिला विकास प्राधिकरण को नैनीताल में ग्रीन बैल्ट और असुरक्षित क्षेत्र में अवैध निर्माण को चिन्हित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मल्लीताल क्षेत्र में राजमहल कम्पाउन्ड में एकल आवासीय भवन निर्माण की अनुमति दी गई थी, परन्तु स्थल पर व्यवसायिक निर्माण किया जा रहा था। इसके साथ ही अयारपाटा क्षेत्र के स्टाबरी लॉज काशीपुर हाउस में ग्रीन बैल्ट में हो रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया था। प्राधिकरण से नक्शा पारित किए बगैर दोनों निर्माण कार्य किये जा रहे थे।


⏩ गूगल इमेज की मदद से चिन्हित होंगे अवैध निर्माण

आयुक्त रावत ने कहा कि नैनीताल में अवैध निर्माण की जानकारी सचिव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को ना होना एक गम्भीर मामला है। विदित है कि उच्च न्यायालय के आदेश से 1995 से नैनीताल में व्यावसायिक निर्माण पर प्रतिबंध है। मण्डलायुक्त ने नैनीताल में असुरक्षित क्षेत्र और ग्रीन बैल्ट की वर्ष 2015 एवं वर्तमान की गूगल इमेज का परीक्षण कर, वर्ष 2015 से वर्तमान तक ग्रीन बैल्ट और असुरक्षित क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण की विस्तृत आख्या देने के निर्देश सचिव, जिला विकास प्राधिकरण को दिए हैं।

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