लालकुआं| यहां बिंदुखत्ता के इंदिरानगर द्वितीय में जंगली फल जेट्रोफा (रतनजोत) खाने से आठ बच्चे बीमार हो गए। उन्हें गंभीर हाल में हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती किया गया है।

शनिवार की शाम को बिंदुखत्ता गौलागेट स्थित स्कूल से इंदिरानगर द्वितीय में रहने वाले पूरन सिंह थुवाल, दिनेश थुवाल और भगत सिंह राठौर के बच्चे घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे अनजाने में गौला नदी के किनारे झाड़ियों की तरफ चले गए और वहां लगे जेट्रोफा (रतनजोत) के फलों का सेवन कर लिया। फल खाते ही बच्चों को उल्टियां होने लगीं। किसी तरह वह अपने घर पहुंचे। बच्चों को बीमार हाल में देखकर स्वजनों में हड़कंप मच गया।

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उन्होंने बच्चों से उनकी हाल के बारे में पूछा तो घटना का पता चला। स्वजनों ने बीमार बेटे 12 वर्षीय चेतन थुवाल, 10 वर्षीय विकास कुमार, 5 वर्षीय चंदू थुवाल, 8 वर्षय नेहा थुवाल, 7 वर्षीय कमल, 6 वर्षीय सौरभ थुवाल, 6 वर्षीय हर्षित राठौर और 8 वर्षीय जानकी राठौर की हालत बिगड़ती देख आनन-फानन में आपातकालीन एंबुलेंस 108 की मदद से हल्द्वानी सुशीला तिवारी चिकित्सालय में भर्ती कराया।

सूचना पाकर पुलिस भी पहुंची

भगत सिंह राठौर ने बताया कि उनके दो बच्चों सहित उनके पड़ोस में रहने वाले दो अन्य परिवारों के कुल आठ बच्चों ने अनजाने में जहरीले फल खा लिए थे, अब सभी फिलहाल अब बच्चे स्वस्थ हैं। इधर, बच्चों के जहरीले फल खाने की सूचना पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिनव चौधरी और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक डीआर वर्मा को मिली तो उन्होंने हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी कृपाल सिंह को मौके पर भेजा। चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जानकार ली।

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