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जय—जय मां विंध्यवासिनी बानड़ी देवी ! इस देवी मंदिर में आने वालों की होती है हर मनोकामना पूरी

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अल्मोड़ा। बानड़ी देवी अथवा विंध्यवासिनी नाम की देवी का दिव्य मंदिर अल्मोड़ा-लमगड़ा रोड पर पौधार के समीप अल्मोड़ा से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। बताया जाता है कि यह देवी चंपावत से यहां अपने पुजारियों से साथ ही करीब 100 से 150 साल पूर्व यहां आई थीं। एक बुजुर्ग पुजारी जब चंपावत से यहां निकटवर्ती ग्राम को आये तो उन्हें कुलदेवी ने सपने में बताया कि वह भी उनके साथ आ रही हैं। जिस पर देवी की यहां स्थापना कर दी गई। इस मंदिर में पौधार से करीब 700 मीटल पैदल यात्रा कर पहुंचा जाता है। घने वन्य क्षेत्र से होते हुए इस मंदिर तक की यात्रा शुरू होती है। देवदार के घने जंगल के बीच खूबसूरत बुरांश के फूलों से लदे पेड़ सीजन के मौके पर इस पैदल यात्रा को बहुत मनोहारी बना देते हैं। यह मंदिर पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है। यहां पहुंच कर एक अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है। यहां अष्टकोणीय मंदिर में शेषनाग मुद्रा के साथ विष्णु की एक प्राचीन मूर्ति है, अर्थात् चार सशस्त्र विष्णु शेषनाग पर सो रहे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि यहां सितंबर 2017 में 13.75 करोड़ लागत से कपिलेश्वर-बानड़ी देवी पेयजल पंपिंग योजना के माध्यम से बानणी देवी मंदिर के पास बनाए मुख्य पेयजल टैंक तक पानी पहुंचा था। इसका लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक व पूर्व विधानसभा गोविंद सिंह कुंजवाल ने किया था। इस मंदिर में वैशाख, सावन और नवरात्र में यहां धार्मिक आयोजन होते हैं। लमगड़ा विकासखंड के गांवों के अलावा अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत आदि क्षेत्रों से काफी संख्या में भक्तजन और पर्यटक वर्षभर यहां पहुंचते हैं।

अधर में लटकी हुई है यहां पहुंचने की रोप—वे योजना
ऊंची पहाड़ी पर स्थित बानड़ी देवी मंदिर से हिमालय की चोटियां के अलावा अन्य पहाड़ियों का आकर्षक नजारा दिखता है, लेकिन इस क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन से जोड़ने के लिए आज तक कोई खास प्रयास नहीं हुए हैं। पर्यटन विभाग की अल्मोड़ा से बानड़ी देवी तक रोप-वे बनाने की योजना अधर में लटकी हुई है। विभाग द्वारा इस संबंध में शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक अमल नहीं हुआ है। मंदिर परिसर के आस—पास यहां आने वाले पर्यटकों द्वारा भी जहां—तहां गंदगी फैला दी जाती है। जंगलों में भी पॉलीथिन व अन्य कचड़ा बिखरा दिखाई देता है। यहां नियमित सफाई व्यवस्था और कई बड़े कूड़ेदान लगवाये जाने की भी जरूरत है।

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