नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में हेराल्ड हाउस की इमारत में यंग इंडियन के कार्यालय को सील कर दिया क्योंकि तलाशी के दौरान ऑफिस में कोई भी उपलब्ध नहीं था और इसलिए वे तलाशी पूरी नहीं कर पाए। आदेश में कहा गया है कि एजेंसी से “बिना पूर्व अनुमति के परिसर नहीं खोला जाएगा”।

जांच एजेंसी ने बताया कि ‘‘सबूतों को सुरक्षित रखने’’ के लिए अस्थायी तौर पर कार्यालय को सील किया गया है, जिन्हें मंगलवार की छापेमारी के दौरान अधिकृत प्रतिनिधियों के अनुपस्थित होने की वजह से एकत्र नहीं किया जा सका था। सूत्रों ने बताया कि नेशनल हेराल्ड का बाकी कार्यालय इस्तेमाल के लिए खुला है।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने यंग इंडियन के कार्यालय के बाहर एक नोटिस चस्पा किया है जिस पर जांच अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। नोटिस में लिखा गया है कि इस कार्यालय को एजेंसी की अनुमति के बिना खोला नहीं जा सकता। अधिकारियों ने बताया कि ईडी की टीम ने छापेमारी के वास्ते परिसर खोलने के लिए कार्यालय के प्रधान अधिकारी/प्रभारी को ई-मेल भेजा था, लेकिन जवाब का अब भी इंतजार है।


नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) करती है और इस कंपनी की हिस्सेदारी यंग इंडियन के पास है। नेशनल हेराल्ड एजेएल के नाम से पंजीकृत है। इससे पहले ईडी ने मंगलवार को कथित नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली और अन्य स्थानों पर कम से कम एक दर्जन जगहों पर छापे मारे। बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित ‘हेराल्ड हाउस’ कार्यालय पर भी दबिश दी। ये पता एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत है जो नेशनल हेराल्ड अखबार को प्रकाशित करता है।

नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल गांधी से कई दौर की पूछताछ

बता दें कि नेशनल हेराल्ड केस में ईडी सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कई दौर की पूछताछ कर चुकी है। जिसे लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया था और विरोध-प्रदर्शन किए थे। सोनिया गांधी से हुई पूछताछ के दौरान राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

सोनिया गांधी से पहली बार 21 जुलाई को इस मामले में 2 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। तब उन्होंने एजेंसी के 28 सवालों के जवाब दिए थे। ईडी कांग्रेस द्वारा प्रमोटेड अखबार ‘नेशनल हेराल्ड’ का मालिकाना हक रखने वाली ‘यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है। वहीं राहुल गांधी से भी ईडी ने इस केस में कई दौर की बातचीत की और कई घटों तक सवाल जवाब किए।

कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई की निंदा की है और इसे मोदी सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध वाला कदम करार दिया है। साभार – news18

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