⏩ बच्चों की सेवा को कोष बनाया, जिसमें शिक्षक खुद वेतन से जमा करते हैं राशि
⏩ शिक्षक दिवस पर बागेश्वर के प्रधानाध्यापक नीरज पंत पर विशेष

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
कुछ नया करने की धुन हो और उस धुन पर मेहनत का रंग चढ़े, तो निश्चित ही नई बेहतरी सामने आती है। ऐसा ही एक प्रयोग बागेश्वर जिले के राजकीय जूनियर हाईस्कूल रौल्यांना के प्रधानाध्यापक नीरज पंत ने साबित कर दिखाया है। वह शिक्षा के विकास में नवाचारी गतिविधियों को प्राथमिकता देते हैं और ऐसी गतिविधियां अपनाकर उन्होंने अपने विद्यालय को एक अलग पहचान दिला दी।




राजकीय जूनियर हाईस्कूल रौल्यांना के प्रधानाध्यापक नीरज पंत का मानना है कि यदि नेक लक्ष्य के साथ शिक्षा के विकास के लिए नवाचारी गतिवि‌धियों को अनवरत चलाया जाए, तो निश्चित ही इसके बेहतर परिणाम सामने आते हैं। इसी लक्ष्य की तरफ उन्होंने अपने विद्यालय में कदम बढ़ाए और समर कैंप, शैक्षणिक सोशल मीडिया ग्रुप, खेल-खेल में पढ़ाई जैसे खास कार्यक्रम संचालित कर विद्यालय को एक अलग पहचान दिला दी और क्षेत्र में उनके विद्यालय का खासा नाम है। इतना ही नहीं उन्होंने एक ऐसा कोष बना डाला, जिससे गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद मिले और बच्चों के विशेष भोज का आयोजन हो सके। जहां आज तमाम लोग हैं, जो अच्छी तनख्वाह मिलने के बावजूद कुछ अतिरिक्त कमाने की जुगत में लगे रहते हैं, ऐसे में प्रधानाध्यापक नीरज पंत व उनके सहयोगियों की दानशीलता का प्रेरणादायी नमूना देखिये, उनके द्वारा गठित कोष के लिए कोई चंदा इत्यादि नहीं लिया जाता बल्कि स्वयं नीरज पंत व उनके साथी शिक्षक हर महीने अपने वेतन से एक निश्चित राशि खुद इस कोष में जमा करते हैं। जिसका उपयोग सामूहिक भोज, रचनात्मक क्रियाकलापों के लिए सामग्री खरीदने, गरीब छात्र-छात्राओं की जरुरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए उनका नाम सम्मान से लिया जाता है और आज शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में उन्हें जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में सम्मानित किया जा रहा है।

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