नई दिल्ली। सरकार ने द्विपहिया बैटरी वाहनों में लगातार आग लगने की घटनाओं को देखते हुए इसके लिए संशोधित नए नियम अनिवार्य करने के वास्ते 1 अक्टूबर से इस श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों में संशोधित मानकों को अनिवार्य करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है जिसकी सिफारिशों के आधार पर मंत्रालय ने 29 अगस्त को संशोधन नियमावाली जारी की है। इन संशोधनों में बैटरी सेल, बीएमएस, ऑन-बोर्ड चार्जर, बैटरी पैक का डिज़ाइन, आंतरिक सेल शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण थर्मल प्रसार आदि से संबंधित अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है।

इस संबंध में सरकार ने जो मसौदा समझौता तैयार किया है उसके कुछ नियमों में संशोधन को लेकर 25 अगस्त को एक अधिसूचना जारी की थी। यह मसौदा विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है और इस बारे में हितधारकों से सुझाव मांगे गये हैं। नए नियम 1 अक्टूबर से लागू होंगे।




इसी साल अप्रैल में आए थे इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के मामले

इस साल अप्रैल में, Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक), Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक) और Pure EV (प्योर ईवी) जैसे निर्माताओं के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगने के मामले सामने आए थे। इसने सरकार को जांच के लिए एक पैनल बनाने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञप्ति के मुताबिक “विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर, मंत्रालय ने 29 अगस्त, 2022 को AIS 156 में संशोधन जारी किया है- इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन के साथ एल श्रेणी के मोटर वाहनों के लिए विशिष्ट आवश्यकताएं, और AIS 038 Rev. 2 में संशोधन 2 – विशिष्ट एम श्रेणी और एन श्रेणी के मोटर वाहनों की इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन के लिए आवश्यकताएं (माल ढोने के लिए कम से कम चार पहियों वाला मोटर वाहन जो माल के अलावा व्यक्तियों को भी ले जा सकता है)।”

एल श्रेणी के मोटर वाहन चार से कम पहियों वाले होते हैं और क्वाड्रिसाइकिल होते हैं जबकि एम श्रेणी के वाहन कम से कम चार पहियों वाले यात्री वाहन होते हैं।

“एक अक्तूबर 2022 से प्रभावी इलेक्ट्रिक वाहनों की संबंधित श्रेणियों के लिए संशोधित AIS 156 और AIS 038 Rev.2 मानकों को अनिवार्य करने की अधिसूचना जारी हुई है।”

विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंत्रालय ने 25 अगस्त, 2022 को केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) 1989 के नियम 124 के उप-नियम 4 में संशोधन करने के लिए एक मसौदा अधिसूचना भी जारी की है, ताकि इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन वाहन में इस्तेमाल होने वाली कर्षण बैटरी के लिए उत्पादन की अनुरूपता (सीओपी) को अनिवार्य किया जा सके।

सीएमवी नियमों के तहत अधिसूचित मौजूदा बैटरी सुरक्षा मानकों में अतिरिक्त सुरक्षा आवश्यकताओं की सिफारिश करने के लिए, MoRTH ने ARCl हैदराबाद के निदेशक टाटा नरसिंह राव, सेंटर फॉर फायर, एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (CFEES) के वैज्ञानिक एम के जैन, भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रमुख अनुसंधान वैज्ञानिक सुब्बा रेड्डी और IIT मद्रास के प्रोफेसर देवेंद्र जलिहाल की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।

ईवी आग दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अप्रैल में कंपनियों को लापरवाही बरतने पर दंड की चेतावनी दी और कहा कि उन्हें खराब वाहनों को वापस मंगाने का आदेश दिया जाएगा।

इसके बाद, ओला इलेक्ट्रिक ने अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की 1,441 यूनिट्स को वापस मंगा लिया। ओकिनावा ने बैटरी से संबंधित किसी भी समस्या को ठीक करने के लिए अपने Praise Pro (प्रेज प्रो) इलेक्ट्रिक स्कूटर की 3,215 यूनिट्स को वापस मंगाने की भी घोषणा की। इसी तरह, प्योर ईवी ने अपने ETrance+ और EPluto 7G मॉडल की 2,000 यूनिट्स को वापस मंगाया।

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