CNE SpecialCrimeEducationNainitalNationalUttarakhand

हल्द्वानी बिग ब्रेकिंग : शिक्षा विभाग के रिश्वतखोर समन्वयक और बाबू को तीन— तीन साल के कठोर कारवास की सजा, डेढ—डेढ लाख जुर्माना

1.58Kviews

हल्द्वानी। वर्ष 2013 में सहायक अध्यापिका से सुगम—दुर्गम के नाम पर रिश्वत मांग रहे तत्कालीन ब्लॉक समन्वयक धौलाखेड़ा और शिक्षा अधिकारी कार्यालय के ​कनिष्ठ सहायक को अदालत में तीन तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दो धाराओं में उन्हें कुल डेढ लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आनंद बाग हल्द्वानी निवासी भूपाल सिंह रावत ने सतर्कता विभाग को लिखित शिकायत दी थी कि कमलुवागांजा उच्च प्राथमिक विद्यालय में बतौर सहायक अध्यापिका तैनात उनकी पत्नी जो मंजू रावत से विद्यालय का कोटिकरण सही करने के नाम पर तत्कालीन समन्वयक ब्लॉक धौलाखेड़ा भगवान सिंह बोरा और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात नीरज कुमार आर्या 25 —25 हजार रूपये की मांग कर रहे हैं। उनकी शिकायत पर सतर्कता विभाग ने पहले इस मामले की फौरी जांच करवाई और प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। इस पर इंस्पेक्टर तिलकराम वर्मा के नेतृत्व में एक टीम बनाकर दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले की सुनवाई तब से जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नैनीताल में चल रही थी। इस मामले में माननीय अदालत ने आज अपना निर्णय सुनाया। भगवान सिंह बोरा व नीरज कुमार आर्य को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के अंतरगत एक एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसी अधिनियम के तहत दोनों पर पचास —पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक महीना और जेल मेंरहना होगा।
इसके अतिरिक्त धारा 13.1.डी व 13.2 के अंतर्गत उन्हें तीन —तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक एक लाख रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

Leave a Reply