डा. राजेंद्र कुकसाल
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अनुकूल जलवायु, भूमि एवं उन्नतिशील किस्म का चुनाव, उचित समय पर बीज की बुआई तथा पौध रोपण, सही मात्रा में उर्वरकों एवं पोषण तत्त्वों का प्रयोग, खरपतवार नियंत्रण, आवश्यकतानुसार निराई गुड़ाई, सिंचाई तथा फसल की कीट व्याधियों से यथोचित सुरक्षा आदि अधिक फसल उत्पादन के घटक है, इन सब के अतिरिक्त यदि शिमला मिर्च के पौधों से शुरू के तीन फूल हटा दें तो उपज को और अधिक बढ़ाया जा सकता है।


—शिमला मिर्च में पैदावार बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पौधे से शुरू के तीन फूल तोड़ कर पौधे से अलग करें । रोपण के लगभग तीस दिनों बाद या मुख्य तने पर 15 – 16 पत्तियां आने के बाद पौधे के मुख्य तने के शीर्ष पर एक फूल दिखाई देने लगता है,जैसे ही यह शीर्ष फूल 1st terminal flower दिखाई दे ,उस कली को फूलने से पहले, कली अवस्था में ही हटालें।

—कुछ दिनों बाद मुख्य तने के अग्रभाग से विपरीत दिशा में दो शाखाएं निकलती है, जिनके अग्रभाग में एक—एक फूल दिखाई देते हैं, विपरीत दिशा में निकली इन दोनों शाखाओं के फूलों को भी कली अवस्था bud stage में हटा लें, ऐसा करने से 40 प्रतिशत तक पैदावार बढ़ जाती है।

—यदि पौधे से प्रथम फूल नहीं हटाया गया तो पौधे पर एक ही फल विकसित होता हुआ दिखाई देगा जब तक इस फल को नहीं तोड़ेंगे पौधे पर अन्य फल विकसित नहीं हो पाते ।

—पौधों पर फलों को ज्यादा बड़ा होने का इंतजार न करें औसत बड़ा होने पर ही फलों की तुड़ाई करें इससे फलों की तुड़ाई की संख्या बढ़ेगी जिससे उपज अधिक प्राप्त होगी।

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