-दोषियों को कड़ी सजा की मांग दोहराई

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
उत्तराखंड लोक वाहिनी ने आज खटीमा गोलीकांड में शहीद हुए उत्तराखंड आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग दोहराई। वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड आज ठेकेदारखंड बनकर रह गया है।




उल्लेखनीय है कि 01 सितंबर 1994 की पूर्वान्ह लगभग 11ः10 बजे खटीमा पुलिस स्टेशन के सामने एकत्र होकर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, तो पुलिस ने अकारण गोलियां दाग दीं और इस घटना में 07 आंदोलनकारी मारे गए। जिनमें शहीद भगवान सिंह सिरोला, प्रताप सिंह, सलीम अहमद, धर्मानंद भट्ट, गोपीचंद, परमजीत सिंह एवं रामलाल शामिल थे। इसी घटना के उपलक्ष्य में आज उत्तराखंड लोक वाहिनी के वरिष्ठ नेता पूरन चंद्र तिवारी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड आज ठेकेदारखंड बन गया है, जहां भ्रष्टाचार और अन्याय चरम पर है।

इस मौके पर उत्तराखंड लोक वाहिनी ने संपूर्ण उत्तराखंड की आंदोलन शक्तियों का नैनीताल चला कार्यक्रम का पूर्ण समर्थन किया। जिसमें हेलंग प्रकरण के विरोध में ग्रामीणों को हक-हकूक और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की जा रही है। वाहिनी की ओर से केंद्रीय अध्यक्ष राजीव लोचन साह, दयाकृष्ण कांडपाल आदि नैनीताल चलो में शामिल हो रहे हैं। बैठक में 2 मिनट का मौन रखकर खटीमा गोलीकांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में जगत रौतेला, जंगबहादुर थापा, रेवती बिष्ट, बिशन दत्त जोशी, कुणाल तिवारी, अजयमित्र सिंह बिष्ट, अजय मेहता, हारिस उद्दीन, अनिल सिजवाली आदि उपस्थित रहे।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here