लोहाघाट। यहां के खेतीखान रोड पर स्थित किराए के मकान में रह रही एक महिला की दोनों किडनियां फेल है। अपना इलाज कराने के लिए वह जयपुर के एसएमएस चिकित्सालय गई थी लौटी तो लॉक डाउन लग गया। यहां पहुंचने पर प्रशासन ने उसे संस्थागत क्वारेंटाइन में डाल दिया। एक दिन प्रशासन को अहसास हुआ कि महिला का स्वास्थ्य ऐसा नहीं कि वह घर से बाहर रह सके तो उसे होम क्वारेंटाइन में भेज दिया गया। अब वह अपने दो बच्चों के साथ किराए के मकान में तो रह रही है लेकिन क्वारेंटाइंन होने की वजह से मोहल्ले के लोगों को व्यवहार उसके प्रति सकारात्मक नहीं है। नतीजतन उसे पानी से लेकर राशन तक की दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। आज सामाजिक कार्यकत्री रीता गहतोड़ी उससे मिलने पहुंची तो महिला ने अपनी व्यथा उन्हें सुनाई। रीता ने उसे कुछ फल, सब्जियां और राशन दिया। महिला ने बताया कि चिकित्सक ने उसे सूर्य की रोशनी में कुछ देर बैठने की सलाह दी है लेकिन मोहल्ले के लोग उसे बाहर निकलने में ही ताने मारने लगते हैं। बच्चे छोटे होने के कारण वे घर का काम नहीं कर सकते और पति लॉक डाउन में दिल्ली में फंसा होने के कारण उकी हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
रीता ने जिलाधिकारी चंपावत को पत्र लिखकर निर्मला मेहरा नामक इस 32 वर्षीय महिला की पीड़ा बयान की है। उन्होंने कहा है कि महिला का डायलेसिस होना है, उसे दवाओं की भी आवश्यकता है ऐसे में जिलाधिकारी उसकी कुछ मदद कर सकें तो वह उपचार जारी रख सकेगी।

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