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देहरादून ब्रेकिंग : पुलिस ने दबोचा तीन महीने से ससुराल में तहखाने में छिपा बैठा शातिर लुटेरा

देहरादून। गत वर्ष दून पुलिस ने 22 सितंबर को मसूरी रोड में मैक्स अस्पताल के नजदीक रहने वाले आरपी ईश्वरन के घर परिजनों को बंधक बना कर उनके घर से लाखों रुपये की नगदी और ज्वैलरी लूट के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में चार लुटेरों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

गत वर्ष 22 सितंबर की रात्रि लगभग साढ़े दस बजे आरपी ईश्वरन निवासी मसूरी रोड़ निकट मैक्स अस्पताल देहरादून द्वारा थाना राजपुर पर सूचना दी। चार हथियारबन्द लोग उन्हें व उनके परिवारवालों को घर में बन्धक बना कर उनके घर से नगदी, ज्वैलरी व अन्य सामान लूट कर ले गये है उक्त सूचना पर पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून व अन्य उच्चाधिकारीगण तत्काल मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना के अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। घटना के सम्बन्ध में वादी से पूछताछ कर अपराधियों के हुलियों के सम्बन्ध में जानकारी लेते हुये कन्ट्रोल रुम के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश हेतु चैकिंग प्रारम्भ करायी गयी तथा मौके पर एफएसएल व डॉग स्क्वॉड तथा एसओजी की टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी।

गठित टीमों ने आसपास के सीसीटीवी कैमरो को चैक करते हुए घटना में प्रयुक्त वाहन को चिन्हित कर सीसीटीवी फुटेजों व सर्विलांस के माध्यम से घटना मे संलिप्त अभियुक्तों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए 30 सितंबर 2019 को घटना में शामिल चार लोगों विरेन्द्र सिंह उर्फ ठाकुर मो. अदनान मुजिफुर्ररहमान उर्फ पीरू और फुरकान को दिल्ली तथा छुटमलपुर के पास से गिरफ्तार कर उनके पास से घटना में लूटी गयी ज्वैलरी व नगदी बरामद की गयी थी। अभियुक्तों से पूछताछ में प्रकाश में आये अन्य अभियुक्तों, फिरोज को एक अक्टूबर को को नोएडा से, हैदर को 2 अक्टूबर को को नूरपुर बिजनौर से तथा मो अरशद को 3 अक्टूबर 2019 को चांदनी महल बाजार, नई दिल्ली से तथा फईम पुत्र शाहबुदीन निवासी रघुवीर नगर नई दिल्ली को जनपद मुरादाबाद से 3जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया गया था। घटना में सम्मिलित अन्य अभियुक्त मिश्रा की तलाश हेतु पुलिस टीम लगातार प्रयासरत थी।

लॉकडॉउन समाप्त होने के पश्चात अनलॉक की प्रक्रिया में वांछित चल रहे अभियुक्त मिश्रा के दोबारा सक्रिय होने से पूर्व ही उनकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा क्षेत्राधिकारी एसओजी तथा एसओजी की सम्पूर्ण टीम के साथ गोष्ठी आयोजित कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किये गये थे। एसोओजी टीम को क्षेत्राधिकारी एसओजी के नेतृत्व में जनपद मेरठ दिल्ली भेजा गया । इसी बीच जानकारी मिली अभियुक्त मिश्रा जिसका पूरा नाम सुरेश जाटव है जो अपनी ससुराल गोलाबढ़, रोहटा रोड़ थाना टीपीनगर मेरठ में रह रहा है। जो की काफी समय से गोलाबढ़ क्षेत्र में छिपा हुआ है । उसकी मेरठ पुलिस को भी अरसे से तलाश थी। मुखबीर की सूचना पर अभियुक्त सुरेश जाटव पुत्र अमी चन्द निवासी मोहल्ला गावड़ीवाला मलियाना थाना टीपीनगर जिला मेरठ उत्तर प्रदेश को कल गोलाबढ, कुट्टी वाली गली रोहटा रोड़ मेरठ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से घटना में लूटी गयी सामान ज्वैलरी बरामद हुआ।

सुरेश जाटव उर्फ मिश्रा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह फईम पुत्र शाहबुदीन निवासी दिल्ली के साथ 2008 में तिहाड़ जेल में मिला था । उस समय वे दोनों गाजियाबाद के फकरु के सम्पर्क में रहते थे। जो की उनके साथ ही आपराधिक घटनाओ में शामिल रहता था। उन्होंने ही जाटव का नाम मिश्रा तथा फईम का नाम पौना रखा था। सितम्बर 2019 में फईम ने ही मुझे घटना से पहले अदनान तथा वीरेन्द्र ठाकुर से मिलवाया था तथा ईश्वरन वाली डकैती के बारे में योजना बनाई गयी थी। तब फईम और जाटव ने योजना के मुताबिक वीरेन्द्र ठाकुर व अन्य के साथ दिल्ली में ही आश्रम चौक के पास मिले। वही से वे सभी लोग वीरेन्द्र ठाकुर की गाड़ी से देहरादून आये जहां पहले वे एक बिल्डर के यहां गये, लेकिन वहाँ लूट का मौका ना मिलने के कारण वीरेन्द्र ठाकुर के बताये अनुसार ईश्वरन के घर पहुंचे वहां से घटना करने के बाद वे दिल्ली पहुंचे।

वहां अदनान व वीरेन्द्र ठाकुर ने हम दोनों को 55 -55 हजार रुपये थोड़ी ज्वैलरी देकर व बाकी हिसाब बाद में करने को कह कर हमें वापस भेज दिया। इसी बीच देहरादून पुलिस द्वारा अदनान व फईम आदि के पकड़े जाने पर वह इधर –उधर छिपता रहा बाद में पिछले 2-3 महीने से अपने ससुराल कुट्टी वाली गली रोहटा रोड़ मेरठ में घर में तहखाना बनाकर छिप कर रह रहा था। उत्तराखंड में वर्ष 2011 में थाना रानीपुर जनपद हरिद्वार क्षेत्र से वह और साथियों ने तारों से भरे ट्रक को लूटा था। अभियुक्त थाना टीपीनगर का हिस्ट्रीशीटर (लापता) अपराधी है जिसके विरुद्ध लूट, डकैती व हत्या के प्रयास से सम्बन्धित अभियोग पंजीकृत है। अभियुक्त पर जनपद देहरादून पुलिस द्वारा 2,500 का ईनाम घोषित किया गया था।

उसके हवाले से सफेद धातु की 4 चूडियां, सफेद धातु की एक टूटी पतली चेन,सफेद धातु की एक लडीदार चेन, सफेद धातु की एक सफेद नग जड़ी बैसलैट, सफेद धातु की मोती जडीत ब्रेसलेट, बादामी रंग का पीली नग जड़ी एक टॉप, काला सफेद नग जड़ी एक टॉप, सफेद धातु का घन्टीनुमा एक टाँप्स, पाँच लडीदार एक कान टॉप्स, पीली धातु का नग जडीत मांग टीका, एक सफेद धातु का लेडिज ब्रेसलेट, दो टुकड़े सफेद नग जडीत चेन,एक घुमावदार सफेद नग जडी कान का टॉप्स, एक सफेद धातु का लटकन नुमा सफेद नग आदि बरामद हुआ है। उस पर उत्तर प्रदेश में विभिन्न अपराधों के तहत 30 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस टीम में पुलिस अधीक्षक नगर श्वैता चौबे, क्षेत्राधिकारी मसूरी नरेन्द्र पन्त, निरीक्षक एसओजी ऐश्वर्य पाल, एसओजी के कांस्टेबल ललित, देवेन्द्र, अमित, पकंज, आशीष आदि शामिल थे।

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