सीएनई डेस्क

आज साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण 02 बजकर 29 मिनट से शुरू हो जाएगा, लेकिन भारत में यह 04 बजकर 29 मिनट से लगेगा और शाम 6 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। देहरादून में यह शाम 4 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक दिखेगा, जबकि दिल्ली में शाम 4 बजकर 29 मिनट से 5 बजकर 42 मिनट तक इसे देखा जा सकेगा। लखनऊ में ग्रहण को शाम 4 बजकर 36 मिनट से 5 बजकर 29 मिनट तक देखा जा सकेगा।

उल्लेखनीय है कि महापर्व दिपावाली के अगले दिवस गोवर्धन पूजन होता है, लेकिन इस बार सूर्य ग्रहण के चलते ऐसा नहीं हो पाया। ज्योतिषाचार्यों द्वारा सूर्य ग्रहण को लेकर जहां कई धर्म-नियम संबंधी विधान बताये हैं, वहीं प्रमुख स्पेस ऐजेंसी नासा ने भी सूर्य ग्रहण को लेकर कई विज्ञान सम्मत सुझाव दिया है। नासा के अनुसार ग्रहण देखने के लिए आंखों पर प्रोटेक्शन लगाना अनिवार्य होगा। आज ​सीधे सूर्य की ओर कतई नहीं देखें।


नासा द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार कैमरा लेंस, दूरबीन या अन्य किसी माध्यम से सूर्य के किसी भी हिस्से को देखने का प्रयास कतई नहीं करें, इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। बिना सोलर फिल्टर के इसे देखने से आंखों में घातक प्रभाव पड़ सकता है। नासा के अनुसार ग्रहण के दौरान सूर्य को देखने के लिए विशेष चश्मे का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे ‘एक्लिप्स ग्लास’ कहा जाता है। यह चश्मा बाजार में उपलब्ध धूप के चश्मे से अलग होता है। अतएव सन ग्लास पहन सूर्य ग्रहण देखने की कोशिश नहीं करें।

ऐसे देखें सूर्य ग्रहण –

NASA और  Timeanddate.com ने सूर्य ग्रहण देखने हेतु लाइव स्ट्रीम लिंक जारी किया गया है, जिसकी मदद से विश्व भर के लोग इस अद्भुत खगोलीय घटना को देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप ‘Royal Observatory Greenwich’ के यूट्यूब चैनल पर भी सूर्य ग्रहण को लाइव देख सकते हैं।

क्या कहते हैं हिंदू शास्त्र

सूर्य ग्रहण के चलते आज 25 अक्टूबर, 2022 की तड़के से ही सूतक काल शुरू हो चुका है। शास्त्रों में सूतक लगने पर किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ग्रहण के दौरान सूतक लगने पर भगवान की पूजा-पाठ करना भी वर्जित होता है। दरअसल शास्त्रों में सू्र्य और चंद्रमा को प्रत्यक्ष देवता माना जाता है। ग्रहण के दौरान राहु-केतु सू्र्य और चंद्रमा को कुछ देर के लिए अपना ग्रास बना लेते हैं ऐसे में कुछ पलों के लिए राहु-केतु जैसे अशुभ ग्रह इन पर भारी रहते हैं। भगवान को कष्ट आने पर इसलिए उनकी पूजा नहीं की जाती क्योंकि ग्रहण के दौरान जब साधक भगवान की प्रार्थना करता है तो देवी-देवताओं को कष्ट में जागृति होना पड़ता है। इस कारण से ग्रहण के दौरान कष्ट को कम करने के लिए लगातार मंत्रों का जाप होता है।

सूर्य ग्रहण से जुड़ी कुछ प्राचीन मान्यताएं –

  • ग्रहण के दौरान तो पूजा-पाठ करना वर्जित होता है लेकिन ग्रहण के दौरान मंत्रों के जाप करके ग्रहण के प्रभाव को कम किया जाता है।
  • ग्रहण लगने पर खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाला जाता है। माना जाता है ग्रहण के दौरान दूषित किरणें और नकारात्मक ऊर्जा चारों तरफ फैली हुई होती है। इसी वजह से खाने-पीने की चीजों में हानिकारक बैक्टीरियां जल्दी से फैलता है। तुलसी में कई तरह के औषधि गुण मौजूद होते हैं,इसलिए ग्रहण लगने पर खाने-पीने के चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं।
  • ग्रहण के खत्म होने पर स्नान किया जाता है और पूरे घर में गंगाजल का छिडकाव किया जाता है।

सूर्य ग्रहण 2022: राशियों पर प्रभाव

मेष : विवाहित महिलाओं और उनके पति को कष्ट होने की संभावना है

वृष राशि: असामान्य तनाव और चिंता आपको विचलित कर सकती है

मिथुन (Gemini) : अधिक खर्च और काम में देरी होगी

कर्क : कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी

सिंह (Leo) : धन लाभ होगा

कन्या (Virgo) : इन्हें धन हानि हो सकती है

तुला : चिंता रहेगी, दुर्घटना की संभावना रहेगी

वृश्चिक : कन्या राशि के जातकों को धन हानि हो सकती है

धनु : लाभ, वृद्धि के योग हैं

मकर : रोग की संभावना, भय

कुंभ : संतान को लेकर चिंता रहेगी

मीन राशि: शत्रु खतरा पैदा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें लाभ भी देखने को मिल सकता है

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