अल्मोड़ाउत्तराखंड

सीएनई विशेष : “इतनी शक्ति हमें देना दाता” जैसे कालजयी गीतों के लिए सदैव याद किये जायेंगे अभिलाष, यादों में सदैव रहेंगे जीवित, सुप्रसिद्ध गायिका, संगीतकार व लेखिका डॉ. मेघा भारती ‘मेघल’ ने सीएनई से साझा किए कुछ यादगार पल….

बॉलीवुड के जाने माने गीतकार अभिलाष ने 27 सितंबर, 2020 की रात दुनिया को अलविदा कहकर देश को एक बड़ा सदमा दे दिया। श्री अभिलाष ने मुम्बई में अंतिम साँस ली। इसी बाबत, सुप्रसिद्ध गायिका, संगीतकार व लेखिका डॉ. मेघा भारती मेघल ने अभिलाष के व्यक्तित्व के बारे में कुछ बातें सी.एन.ई. के साथ साझा कीं। मेघल, जो स्वयं भी बॉलीवुड में एक जानी मानी एंकर, गायिका और गीतकार के रूप में कार्यरत हैं, कई मंचों पर गीतकार अभिलाष जी के साथ शिरकत कर चुकीं हैं।


डॉ. मेघल ने बताया- “कुछ समय से वे बीमार चल रहे थे। लेकिन बीमारी के दौरान भी, जीवन के प्रति उनका नज़रिया जोश से भरा हुआ था। पिछले माह भी जब उनसे एक नए प्रोजेक्ट पर बात हुई तो तबियत ख़राब होने की वजह से वे ज़्यादा बात नहीं कर पा रहे थे, फिर भी बोले, “आजकल, थोड़ा तबियत ठीक नहीं है, लेकिन ठीक होते ही इसपर डिटेल में बात करते हैं, पक्का “
‘वे एक ऐसे सम्मानित सिने गीतकार थे जिनके प्रसिद्ध गीत ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ को आज भी हमारे देश के क़रीब छः सौ विद्यालयों में प्रार्थना गीत के रूप में गाया जाता है और आठ अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में इसका अनुवाद भी हुआ है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह गीत फ़िल्म ‘अंकुश’ के लिए अभिलाष ने बिना किसी पारिश्रमिक के लिखा था। केवल निर्देशक एन. चंद्रा के करियर में उनका सहयोग करने के लिए। वे वास्तव में एक प्रेरणा स्रोत थे।’
आगे कहती हैं – ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता…’ जैसे कालजयी गीत लिखने वाले अभिलाष जी का एक और बड़ा ही सुन्दर गीत है “ओ यारा वे…”।
ये एक ऐसा गीत है – जिसकी प्रस्तुति ने मुझे एक प्रोफेशनल गायिका बना दिया।

“अपने हर शो यानी ‘मेघा भारती नाईट’ में मुझे ये सांग पब्लिक डिमांड पर गाना ही होता है। आई टू लव दिस सांग सर। बहुत ही सुन्दर गीत है।” जब अभिलाष सर को ये बात बताई तो बहुत ख़ुश हुए और आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा – “ये तो बस शुरुआत है। ख़ूब बढ़ो।”
मेघल कहती हैं कि – “मेरा सौभाग्य है कि गीतकार अभिलाष जी के साथ अनेक मंचों पर प्रस्तुति देने का अवसर इसी जीवन में प्राप्त हुआ। उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानना और अपनी प्रस्तुतियों पर उनकी प्रशंसा और आशीर्वाद का पात्र बनना भी मेरे हिस्से आया इसे भी ईश्वर की असीम कृपा मानती हूँ।
वे मुझसे अक्सर कहते थे -“गाती भी बहुत अच्छा हो, लिखती भी बहुत अच्छा हो – डेप्थ {गहराई} है आपके काम में – बहुत अच्छी आर्टिस्ट हो। मल्टी टैलेंटेड। गॉड ब्लेस यू। ख़ूब बढ़ो।”
मेघल बताती हैं- ‘ये बात शायद कम ही लोग जानते हैं कि अभिलाष जी का वास्तविक नाम ओमप्रकाश कटारिया और तख़ल्लुस ‘अज़ीज़’ था, लेकिन जब फ़िल्म इंडस्ट्री में बतौर गीतकार क़दम रखा तो उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘अभिलाष’ रख लिया।’ उनके हर गीत में कुछ अलग ही बात है और शायद इसलिए उनका हर गीत सदाबहार है। वे एक बेहतरीन स्क्रिप्ट राईटर भी थे। बहुत सी फ़िल्मों और धारावाहिको में उन्होंने पटकथा-संवाद लेखन किया जैसे कि अदालत,रंगोली, संसार, चित्रहार और ॐ नमो शिवाय इत्यादि।
वे बहुत ही खुशमिज़ाज़, कर्मठ और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे। जब भी उनसे मुलाक़ात हुई कुछ नया सीखने को मिला। एक किस्सा मुझे अक्सर याद आता है।
एक दिन, एक कार्यक्रम के सिलसिले में अभिलाष जी के साथ बात हो रही थी। तभी मैंने उनसे कहा कि – “सर मैं बचपन से सोचती थी कि आपसे कभी ज़रूर मिलूँगी, लेकिन ये नहीं सोचा था कि आपके साथ एक ही मंच साझा कर सकूँगी” । मेरी बात सुनकर मुस्कुराते हुए उन्होंने अपनी कॉफी का कप उठाकर मेरी तरफ़ देखते हुए कहा – “नहीं इतनी बड़ी बात भी नहीं मुझसे मिलना, आपके क़द के इंसान के लिए। आप योग्य हैं इसलिए यहाँ हैं । ठीक है। गॉड ब्लेस यू ऑलवेज़।”
हर कार्यक्रम में उन्हें देखने की इतनी आदत सी हो गई है कि वे अब नहीं रहे स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। मुम्बई के किसी भी मंच पर अब जब भी मेरी कोई प्रस्तुति होगी तो निश्चित ही अभिलाष सर के उत्साहवर्धक शब्द सुनने को मन तरसेगा, हाँ, लेकिन उनके हौसला बढ़ाते शब्दों की गूँज सदा साथ रहेगी।

  • डॉ. मेघा भारती ‘मेघल’

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