सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा/हल्द्वानी

सनातन धर्म के प्रति अपार आस्था रखने वाली इस अमेरिकन महिला का जीवन सफल हो गया। उसने अपने जीवन की अंतिम सांस पवित्र भारत भूमि में ली। जन्म भले ही सात समंदर पार हुआ, लेकिन अंत वहीं हुआ, जहां के प्रति उसकी जीवन पर्यन्त आस्था रही। देवभूमि उत्तराखंड में आंखरी सांस लेने वाली विदेशी महिला येवेट क्लेयर की जीवन की यही कहानी है, जिसका आज परम पवित्र जागेश्वर धाम में अंतिम संस्कार होने जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि गत दिनों सीएनई ने एक समाचार प्र​काशित किया था, जिसमें बताया गया था कि अमेरिका के टेक्सास प्रांत में रहने वाले 69 वर्षीय विदेशी महिला का हल्द्वानी के चोरगलिया में निधन हो गया है। यह गत 20 नवंबर की बात है। उनका शव तब से हल्द्वानी के एक अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया था। जिला प्रशासन ने अपना दायित्व बखूबी निभाते हुए उनकी बेटी का अमेरिका से आने का इंतजार किया। आज मृतका येवेट क्लेयर की बेटी क्रिस्टीना हल्द्वानी पहुंची, जहां पुलिस और जिला प्रशासन महिला की मौजूदगी में शव पोस्टमॉर्टम कराया गया।


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विशेष उल्लेखनीय है कि मृतका की बेटी आज दोपहर अपनी मां का अंतिम संस्कार जागेश्वर धाम में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार कराने के लिए पार्थिव देह के साथ रवान हो गई। नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र बुद्धिस्ट ने बताया कि विदेशी महिला येवेट क्लेयर चोरगलिया में मीनाक्षी बजेठा के घर रहती थीं, जिनकी 21 नवंबर की रात तबीयत खराब होने पर एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी मौत हुई थी। येवेट क्लेयर की बेटी आज कुमाऊं के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी पहुंची। जहां पंचनामा व पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के बाद शव को उनको सौंपा गया। इस विदेशी महिला की इच्छा थी कि जब वह स्वर्ग सिधारे तो उसका अंतिम संस्कार जागेश्वर में हो, अतएव प्रशासन की अनुमति के साथ उनकी बिटिया शव को लेकर जागेश्वर रवाना हो गई है। आज देर शाम जागेश्वर में इस विदेशी महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति—रिवाज के साथ होगा।

सीएनई में पूर्व प्रकाशित समाचार —

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