देहरादून| बद्रीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी की पत्नी रजनी भंडारी को चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। शासन ने यह कार्रवाई 2012-13 के दौरान नंदादेवी राजजात यात्रा के 60 में से 30 कार्यों के टेंडर में गड़बड़ी करने के मामले में की है। उन पर जानबूझकर दायित्वों का निर्वहन न करने, पदीय कर्तव्यों का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप है।

बता दें कि पूर्व प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट की शिकायत पर शासन ने 27 अक्तूबर 2014 को चमोली के तत्कालीन जिलाधिकारी को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए थे। डीएम को मुख्य विकास अधिकारी ने 12 फरवरी 2015 को रिपोर्ट सौंपी।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी की संयुक्त जांच रिपोर्ट पर शासन ने यह कार्रवाई की है। रजनी भंडारी दूसरी जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, जिन्हें अनियमितता बरतने के आरोप में हटाया गया है। इससे पहले भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रदेश सरकार उत्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष को भी भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त कर चुकी है। इतना नहीं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति भी दी गई।

वित्तीय क्षति नहीं हुई

जांच रिपोर्ट में पाया कि जिला पंचायत को टेंडर में गड़बड़ी से वित्तीय क्षति तो नहीं हुई ,लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष ने निविदा समिति की सिफारिश की अनदेखी की। न्यूनतम बोलीदाता से इतर सबसे अधिक बोली लगाने वाली निविदाओं को मंजूरी दी। कतिपय कार्यों में तो एकमात्र निविदा को स्वीकृति दी गई। समिति ने इसे अधिप्राप्ति नियमावली के प्रावधानों और वित्तीय नियमों के प्रतिकूल माना। पंचायती राज अधिनियम के तहत यह भी आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपारदर्शी तरीके से कार्य किया और पंचायती राज व्यवस्था की साख को अपूरणीय क्षति पहुंचाई।

सिंगल टेंडर पर दे दिए ये काम

घटूगाड़-पिंडावाली गधेरे पर पुलिया निर्माण, ग्राम सभा सुभाई में भविष्य बदरी मार्ग निर्माण, त्रिशुला लोह गार्डर पुल का निर्माण।

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