सांकेतिक फोटो

बागेश्वर। अहमदाबाद से लालकुआं जंक्शन पर पहुंचने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन अपने साथ प्रवासियों को तो लाई ही उम्मीदों के पोटलियां भी साथ लेकर आई है। ऐसी ही कई उम्मीदें बागेश्वर के महेश जोशी और गरुड़ उपमंडल के पत्रकार अखिल जोशी आजाद के परिवारों की भी हैं। ट्रेन में आए महेश जोशी के घर आगमन के साथ ही पत्रकार अखिल जोशी आज़ाद के सपनों को भी पंख लग गए हैं।

दरअसल उनका विवाह बागेश्वर की रहने वाले महेश जोशी की बेटी अनामिका जोशी से तय हआ था, तैयारियां भी जोरो पर थीं मगर कोरोनाकाल आगया और सबकुछ अपनी जगह ठहर कर रह गया। महेश जोशी गुजरात के अहमदाबाद में एक फार्मा कंपनी में जॉब करते हैं। वहीं फंस कर रह गए। लॉकडाउन बढ़ता रहा और महेश की घर वापसी की तिथि लगातार आगे खिसकती रही।

जब स्पेशल श्रमिक ट्रेनों के चलने की योजना तैयार हुई तो महेश जोशी ने भी टिकट बुक करा लिए, किस्मत अच्छी थी टिकट भी मिल गया और वक्त पर फ़ोन भी आ गया। महेश जोशी रात लालकुआं पहुंचे और अब अपने घर पहुंच गए हैं। हालांकि वे 14 दिन होम क्वारेंटाइन रहेंगे लेकिन इसके बाद अपनी बेटी के हाथ पीले कर सकेंगे। अंत भला तो सब भला की तर्ज पर अब हम दोनों परिवारों को विवाह की अग्रिम बधाई तो दे ही सकते हैं।


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