उत्तराखंडबागेश्वर

बागेश्वर न्यूज : 16 का लड़का, 15 की लड़की और आठ साल का बेटा, है न अजब प्रेम की गजब कहानी

सांकेतिक फोटो

बागेश्वर। इंटरनेट का असर कहें या समय से पहले बड़े होते बच्चे कि बागेश्वर के दो बच्चों ने कुछ ऐसा किया कि आज वह पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। उनके दुस्साहस के सुनकर लोगों को एक बारगी विश्वास ही नहीं हो रहा है कि वे ऐसा भी कर सकते हैं। आप मानें या न मानें लेकिन यह सच है। कच्ची उम्र में अपने ही स्कूल की एक लड़की को दिल दे बैठे 16 साल के लड़के ने लड़की की मदद से ऐसा कुछ किया कि बागेश्वर से हल्द्वानी तक उनके चर्चे आम हो गए।

दरअसल बागेश्वर के नगरीय क्षेत्र के दसवीं कक्षा के एक छात्र का दिल नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की पर आ गया। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते हैं और लॉक डाउन की वजह से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इस दौरन फोन पर दोनों की टेलीफोनिक मुलाकातें जारी रहीं। चूंकि दोनों कम उम्र के थे इसलिए वे जानते थे कि उनके मां बाप उनके विवाह के लिए कतई भी राजी नहीं होंगे। बस इस चिंता के समुद्र में डूबते उतराते उन्होंने एक युक्ति सोची और वह थी घर से भाग जाने की।

अब समस्या यह थी कि घर से भागना भी कोई बच्चों का काम तो है नहीं और ये भी बच्चे ही ठहरे। ऐसे में दोनों ने वयस्क बनकर घर छोड़ना का प्लान तैयार किया। इस प्लान में भी एक झोल था वह यह कि लड़की और लड़के को अकेला देख कर कोई भी उन पर शक कर सकता था।

इसलिए इस कहानी में एंट्री हुई एक और किरदार की। किरदार भी ऐसा जिसे देखने वाले आसानी से पचा लें यानी बाल कलाकार। वह भी मिला इसी स्कूल का चौथी कक्षा का लगभग आठ वर्षीय छात्र। लड़की और लड़के ने व्यस्कों वाला मेकअप किया और बच्चे को लेकर निकल पड़े बागेश्वर से। कमाल यह कि किसी ने उन पर शक भी नहीं किया। वे बस से हल्द्वानी आ पहुंचे। लेकिन हल्द्वानी पहुंचते पहुंचते रात हो चुकी थी और अब उनके सामने रात में ठहरने की समस्या आ खड़ी हुई। बस स्टैंड से निकल कर तीनों प्रेम सिनेमा हाल के पास जा पहुंचे।

यहां बैठकर वे रात गुजारने की समस्या पर चर्चा कर ही रहे थे कि पुलिस की गश्ती दल ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। शुरू में उन्होंने स्वयं को बच्चे का माता पिता बताया लेकिन बाद में जब उन्हें कोतवाली लाया गया तो वे टूट गए। इस बीच माता पिता ने भी बागेश्वर पुलिस में तीन बच्चों के गुम होने की जानकारी दे दी थी जिसे बागेश्वर पुलिस ने हल्द्वानी पुलिस के साथ साझा किया था।

खैर तीनों बच्चे रविवार को माता पिता को हल्द्वानी बुलाकर उनके सुपुर्द कर दिए गए। वे सकुशल घर पहुंच गए। इधर बागेश्वर पुलिस का कहना है कि प्रेम प्रकरण जैसी कोई बात नहीं है तीनों बच्चों के परिजनों ने बताया है कि वे हल्द्वानी घूमने के लिए निकल गए थे। गलती यह हुई कि वे बिना बताए गए थे।

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