सीएनई रिपोर्टर

नगालैंड में सुरक्षाबलों की फायरिंग में आम नागरिकों की मौत का मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है। इस मामले में एक सैनिक की मौत को शहादत बताया जा रहा है। इसके बावजूद आज की तारीख तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि नागरिकों की मौत कैसे हुई और सेना का जवान की आखिर किन हालातों में मौत हो गई ?

लेटस्ट अपडेट यह है कि सेना की ओर से इस मामले में खेद व्यक्त किया गया है। सीएम मोदी ने मामले की जांच एसआईटी से कराने को कहा है, वहीं गृह मंत्री अमित शाह नेघटना पर शोक व्यक्त किया है। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्हें उग्रवादियों के संभावित आंदोलन की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी। खुफिया सूचना के आधार पर, तिरु, सोम जिला, नगालैंड के क्षेत्र में एक सघन अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी।


बयान के अनुसार सेना को इस घटना और उसके परिणामों पर गहरा खेद है। दुर्घटना में जान गंवाने के कारणों की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी कराई जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना में सुरक्षा बलों को भी गंभीर चोटें आई हैं। एक सैनिक की मौत भी हुई है।

आपको बता दें कि गत दिनों नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों की ओर से की गई फायरिंग में लगभग 13 आम लोगों की मौत हो गई थी। ओटिंग इलाके में शनिवार शाम हुई इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति हो गई और गुस्साए लोगों ने सुरक्षाबलों की गाड़ियों को आग लगा दी थी। बताया जा रहा है कि पीड़ित मजदूर थे और काम के बाद एक पिकअप में बैठकर अपने घर जा रहे थे। जब देर रात तक वे अपने घर नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया और तब उनके परिजनों को इस घटना की जानकारी हुई।

इस घटना को लेकर देर रात तक प्रशासन की तरफ से कोई पुष्टि नहीं की गई। हालांकि राज्य के सीएम के ट्वीट के बाद घटना की जानकारी सार्वजनिक हो सकी। सीएम के ट्वीट से पहले आईपीएस अधिकारी रूपिन शर्मा ने ट्विटर पर इस घटना का एक वीडियो शेयर किया था। उन्होंने लिखा था कि ओटिंग गांव में सुरक्षाबलों की फायरिंग में कई नागरिकों के मौत की खबर है। हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने यह वीडियो डिलीट कर दिया।

इस घटना पर कहा जा रहा है कि सिक्योरिटी फोर्सेस को इनपुट मिला था कि उस जगह पर उग्रवादी संगठन NSCN (KYA) के लोग होंगे और वहां किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसलिए ऑपरेशन प्लान किया गया। इनपुट में जिस रंग की गाड़ी के बारे में बताया गया था उसी रंग की गाड़ी वहां से गुजरी। सिक्योरिटी फोर्स के लोगों ने उसे रुकने को कहा, लेकिन वह गाड़ी नहीं रुकी। इसके बाद सिक्योरिटी फोर्स ने फायरिंग कर दी। बाद में जाकर देखा तो पता चला कि वे सिविलियंस हैं।

सूत्रों के मुताबिक इसी बीच गांव वाले उस जगह पर आ गए और सिक्योरिटी फोर्स के लोगों से हथियार छीनने लगे और गाड़ी में भी आग लगी दी। सिक्योरिटी फोर्स का एक जवान की मौत हो गई, जबकि अन्य कई जवान घायल हैं। सीएम नेफियो रियो ने ट्वीटकरके घटना पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने लिखा कि ओटिंग, मोन में नागरिकों की हत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत निंदनीय है। उच्च स्तरीय एसआईटी जांच करेगी और देश के कानून के अनुसार न्याय दिलाएगी। सभी वर्गों से शांति की अपील है।

इधर इस घटना पर गृहमंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘नगालैंड के ओटिंग में दुर्भाग्यपूर्ण घटना से व्यथित हूं। मैं उन लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। राज्य सरकार की ओर से गठित एक उच्च स्तरीय एसआईटी शोक संतप्त परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए घटना की गहन जांच करेगी।’

वहीं नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) को एक कठोर कानून करार दिया है। मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने बताया कि “अफस्पा कठोर कानून की दुनिया भर में निंदा की जाती है। इसे हटना है जरूरी है “। यह बात उन्होंने 13 नागरिकों के अंतिम संस्कार में कही। इन्होंने आगे कहा कि ” कठोर कानून – AFSPA, नागालैंड राज्य चाहता है कि अफस्पा को तुरंत हटाया जाए।”

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