उत्तराखंडनैनीताल

रामनगर : गर्जिया मंदिर के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग, भेजा ज्ञापन

रामनगर। गर्जिया मंदिर के चारों तरफ पीचिंग कर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग को लेकर देवभूमि विकास मंच से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ला के माध्यम से मुख्यमंत्री, विधायक, आयुक्त कुमाऊं मंडल, जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन दिया।

उप जिलाधिकारी कार्यालय में राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल उप जिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ला से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मां गिरिजा देवी गर्जिया मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र होने के साथ-साथ एक पर्यटक स्थल भी है। मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु, वर्षभर में आने वाले धार्मिक त्यौहारों गंगा स्नान, नवरात्रों आदि त्योहारों के अवसर पर हजारों की सख्यां में श्रद्धालु मंदिर दर्शन करने आते हैं। कार्बेट नेशनल पार्क भ्रमण पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिये भी यह मंदिर विशेष आकर्षण का केन्द्र है। आस्था एवं पर्यटन केन्द्र होने के कारण स्थानीय सैकड़ों लोगों का रोजगार व आजीविका भी इससे जुड़ी है।

कोसी नदी के बीचोंबीच प्राकृतिक रूप से मिट्टी-पत्थर से बने टीले पर स्थित मां गिरिजा देवी गर्जिया मंदिर को बरसात में पानी के तेज बहाब के कारण हो रहे कटाव से, वहीं गर्मियों में गर्म हवाओं के कारण टीले की मिट्टी व पत्थरों का लगातार क्षरण होने से टीले पर मोटी-मोटी दरारें आने से भविष्य में मंदिर के अस्तित्व के लिये गंभीर संकट का कारण बन सकता है। पूर्व में मंदिर के अस्तित्व को हो रहे खतरे को भांपते हुए पूर्व की सरकारों व प्रशासन द्वारा जनदबाब में इसका संज्ञान लेते हुए इसका भूगर्भ वैज्ञानिकों के द्वारा इसका सर्वे भी कराया जिन्होनें कोसी के तेज बहाव के कारण हो रहे कटाव से मंदिर के अस्तित्व को खतरा बताया तथा शीघ्र इसकी रोकथाम करने की बात कही थी।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया भूगर्भ वैज्ञानिकों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों के सुझाव एवं मांगों पर शासन प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया जिसके कारण मंदिर के अस्तित्व को लगातार खतरा बढ़ रहा है, वहीं जनता का आक्रोस भी बढ़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उपजिलाधिकारी से बरसात से पहले जून माह से पहले-पहले टीले की चारों तरफ से पीचिंग करते हुए मजबूत सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की जिससे बरसात में बाढ़ से तथा गर्मिया में चलने वाली तेज गर्म हवाओ से टीलें पर कोई असर न पड़ सके।

प्रतिनिधिमंडल में प्रभात ध्यानी राज्य आन्दोलनकारी केन्द्रीय उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड़ परिवर्तन पार्टी, पी सी जोशी संरक्षक उत्तराखण्ड़ क्रान्तिदल डेमोक्रेटिव, इन्द्र सिंह मनराल राज्य आन्दोलनकारी केन्द्रीय महामंत्री उत्तराखण्ड़ क्रान्तिदल, चिन्ताराम संयोजक वनग्राम संघर्ष समिति आमडंडा रामनगर, सुमित्रा विष्ट राज्य निर्माण आन्दोलनकारी मंच रामनगर, ज्योतिषाचार्य रमेश चंद्र जोशी थे।

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