अल्मोड़ा। सहायक श्रमआयुक्त अल्मोड़ा उमेश चंद्रा ने एक भेंट वार्ता में बताया कि अब तक मजदूरों के खाते में पहले चरण में चार जिलों में तीन करोड़ रूपया जमा किया गया था, जिनमें से अल्मोड़ा जिले में एक करोड़ रूपया डीबीडी के माध्यम से दिया था।
दूसरे चरण में भी तीन करोड़ रूपया दिया गया है। कुल मिलाकर 6 करोड़ रूपया चारों जिलों में दिया जा चुका है। जिनमें से अल्मोड़ा जिले में दो करोड़ मजदूरों के खाते में जमा हो चुका है। अब तक अल्मोड़ा जिले में विभिन्न राज्यों के कुल 5 हजार 679 मजदूरों को विभिन्न निर्माणदायी संस्थाओं व औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्य दिया जा चुका है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि कोरोना से यह लड़ाई लंबी है अतएव यह कार्य किसी प्राईवेट ऐजेंसी पर नही छोड़ा जा सकता है और न ही बाजार के रहमोकरम पर छोड़ा जा सकता है। यह संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की है कि कोई भूख व बदइंतजामी के वायरस से न मरे। मजूदूरों के खाने, रहने और कार्य की पूरी व्यवस्था कर दी गई है। ताकि अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। मांग और आपूर्ति बराबर बनी रहे। उन्होंने कहा सरकार की 15 अप्रैल की निर्माण कार्य शुरू करने की गाइड लाइन थी। जिस पर 16 अप्रैल से यहां निर्माण कार्य करने की अनुमति दे दी गई है। यहां लगभग 200 के आस—पास निर्माण ऐजेंसियों को कार्य करने की अनुमति दी जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि सहायक श्रमआयुक्त उमेश चंद्रा के पास अल्मोड़ा के अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चंपावत का भी कार्यभार है।

किस राज्य के कितने मजदूर ?
अल्मोड़ा — 1902, उधम सिंह नगर — 59, बागेश्वर— 17, नैनीताल — 71, पिथौरागढ़ — 20, उत्तरकाशी — 11, हरिद्वार — 3, देहरादून — 8, चंपावत — 85, पौड़ीगढ़वाल — 3, टिहरी — 2, चमोली — 6, उप्र. — 459, नेपाल — 2511, बिहार — 234, झारखंड — 9, पंजाब — 2, हिमांचल प्रदेश — 15, मध्य प्रदेश — 13, राजस्थान — 11, पश्चिम बंगाल — 18, जम्मू—कश्मीर — 210, दिल्ली— 2, हरियाणा — 2, चंडीगढ़ — 5, महाराष्ट्र — 1

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