हल्द्वानी। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश गोस्वामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के बीस लाख करोड़ के पैकेज का आम आदमी को क्या लाभ होगा यह उसकी समझ से परे की बात है। सरकार को चाहिए कि इस पैकेज की बारीकियों को समझाने के लिए आम आदमी तक पहुंच बनाएं। हमें मिलने वाले लाभ के बारे में स्थानीय बोली में ही समझाया जाए। ताकि लोगों को नुकसान की भरपाई के बारे में उनके प्रश्नों के जवाब भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्र सरकार से ग्रीन जोन में पर्यटन की अनुमति मांगी थी जो हास्यास्पद हैं।
कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश गोस्वामी ने काही। उन्होंने कहाँ कि सरकार द्वारा कोरोन्टाईन करने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दी गई हैं। जबकि सरकार द्वारा उन्हें कोई भी सुविधाएं नहीं दी गई हैं।
गोस्वामी ने कहा कि यज्ञ व हवन आदि से बीमारियां दूर होती हैं और सरकार को चाहिये कि देवभूमि में मंदिरों को खोलने की अनुमति दे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुये दर्शन की अनुमति दे।उनका कहना था कि जब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शराब बिक सकती हैं तो पूजा क्यों नहीं हो सकती।दूसरा सरकार को विवाह समारोह में भी थोड़ी ढील सामाजिक दूरी का पालन करने की चेतावनी के साथ देनी चाहिए।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव मिलना पहाड़ के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। यदि पहाड़ में यह बीमारी फैली तो स्थिति को संभालना मुश्किल हो जायेगा।क्योंकि पहाड़ो में चिकित्सीय सुविधाओं का बुरा हाल है।सरकार व प्रशासन को चाहिए कि बाहर से आने वाले सभी लोगों की जांच हो।

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