सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

यहां विकासखंड चौखुटिया अंतर्गत जालली—मासी क्षेत्र में काफी समय से मवेशियों को अपना शिकार बना रहा गुलदार वन विभाग द्वारा लगाये गये पिंजरे में कैद हो गया।

उल्लेखनीय है कि यह गुलदार जालली में लगाये गये पिंजड़े में कैद हुआ है, जिसे वन विभाग के कार्मिक सुरक्षित रेस्क्यू कर अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर ले आये हैं। कार्मिकों के अनुसार यह एक मादा तेंदुआ है, जिसकी आयु करीब 8 से 10 साल के बीच है। जांच के बाद इसे मानव आबादी से दूर इसके प्राकृतिक आवास घने वन क्षेत्र में छोड़े जाने की उम्मीद है।


ज्ञात रहे कि क्षेत्र में लंबी समय से गुलदारों का आतंक है। यहां विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन गुलदार मवेशियों को अपना शिकार बनाते रहते हैं। जिससे पशु पालकों को काफी आर्थिक क्षति पहुंचती है। चार माह पूर्व यहां जालली—मासी रोड पर झलोड़ी के निकट खिरखेत क्षेत्र में सड़क के बीचों बीच एक गुलदार भी मरा पड़ा मिला था। जिसकी मौत किसी अन्य गुलदार से हुए आपसी संघर्ष में हो गई थी। जिससे साफ होता है कि इस इलाके में कई गुलदार हैं,​ जिनमें कई बार आपसी संघर्ष होता है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अकसर इलाके को लेकर होने वाली लड़ाई के बाद कई गुलदार वन क्षेत्र को छोड़ मानव आबादी वाले इलाकों में आसान शिकार की तलाश में आ जाते हैं।

वहीं, चौखुटिया ब्लाक की ही ग्राम पंचायत मल्ला ताजपुर के तोक गांव में विगत माह कफलिया के पास पानी गधेरे में बने पानी के टैंक में एक गुलदार का शावक गिर गया था। वहां गुलदार के पहुंच जाने के बाद दहशत कायम हो गई थी। बाद में मादा अपने शावक को ले गई थी। फिलहाल एक मादा गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

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