—कार्यक्रम के समापन पर जागरूकता रैली निकाली
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोडा के हरेला पीठ द्वारा यूसर्क के सहयोग से चले हरेला महोत्सव सप्ताह का आज समापन हो गया। एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित समापन समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने दीप जलाकर किया। हरेला पीठ ने अतिथियों को शाल ओढ़ाकर अतिथियों का सम्मान किया। इस मौके पर पीठ के सह संयोजक डॉ. बलवंत कुमार ने हरेला महोत्सव के कार्यक्रमों की विस्तार से रूपरेखा और हरेला महोत्सव की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

मुख्य अतिथि प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट ने कहा कि हरेला प्रकृति से जुड़ने की सीख देता है और इससे प्रेरणा लेकर हमें पर्यावरण बचाने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने हरेला पीठ के कार्यों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि प्रो. शेखर चंद्र जोशी ने कहा प्रकृति सबसे बड़ी है। हमें प्रकृति के विरुद्ध कोई ऐसा व्यवहार नहीं रखना है, जिससे प्रकृति रूष्ट हो। उन्होंने हरेला पीठ के सभी कार्यक्रमों को सराहा। हरेला पीठ के निदेशक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. जगत सिंह बिष्ट ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित करने में हरेला पीठ के कार्यक्रम सराहनीय हैं। विश्वविद्यालय में स्थापित हरेला पीठ लोक संस्कृति, परंपरागत ज्ञान के संकलन, पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने वृक्षों की महत्ता को बताते हुए उन्होंने कहा कि एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान है। उन्होंने विवि के कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी की पहल को सराहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजुलता उपाध्याय ने किया जबकि डॉ. धनी आर्या ने आभार व्यक्त किया।
अव्वल प्रतियो​गी सम्मानित


समापन कार्यक्रम में हरेला महोत्सव के दौरान आयोजित पोस्टर एवं कला प्रतियोगिता के अव्व्ल प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। पोस्टर एवं कला में प्रथम पुरस्कार प्रिया लोहनी, प्रियंका, नीलम, अमित भट्ट, विवेक सिंह रावत, कंचन आर्या, मोहित सिंह, द्वितीय पुरस्कार में कल्पना शाह, कैलाश चंद्र जोशी, शिवानी आर्या, बबिता पंत, मनीषा बिष्ट, सरिता भोज तथा तृतीय पुरस्कार में नेहा बिष्ट, नेहा पांडे को अतिथियों ने पुरस्कृत किया।
जागरूकता रैली निकाली

हरेला महोत्सव सप्ताह के समापन मौके पर आज हरेला पीठ की ओर से नगर में पर्यावरण जागरूक्ता रैली निकाली। यह रैली एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा के वनस्पति विज्ञान विभाग से माल रोड में शिखर तिराहे तक निकाली गई। जिसके जरिये पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया गया। जिसमें वनस्पति विज्ञान विभाग के विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों, एनसीसी 77वीं बटालियन और 24वीं बटालियन के कैडेट्स समेत परिसर के शिक्षकों व छात्र-छात्राओ ने भाग लिया।

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