हल्द्वानी। परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) की लालकुआं इकाई के पांच सदस्य आज कोरोना महामारी के चलते देशव्यापी लॉक डाउन की मार झेल रहे छात्रों-मज़दूर-मेहनतकशों के लिए सुबह 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक अपने — अपने घरों 12 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
इस दौरान पछास कि पिंकी ने कहा कि कोरोना महामारी की सबसे बड़ी मार गरीब तबके के लोगों पर पड़ी है। छात्र पढ़ाई हेतु अपने घरों से अन्यत्र जाते हैं, एक माह से अधिक हो चुका है अभी भी कई छात्र अपनी-अपनी जगहों पर फंसे हुए हैं। उनके पास राशन व नकदी खत्म हो चुकी है।
पछास के इकाई सचिव महेश ने कहा कि गरीब मजदूर, डेली वेज पर काम करने वाले मजदूर और प्रवासी मजदूरों की हालत अत्यन्त खराब है। उनकी राशन और नकदी खत्म हो चुकी है वह अपना जीवन में भी अब अछम हैं।
हड़ताल पर बैठे छात्रों ने दिनभर पढ़ाई के साथ हस्तलिखित पोस्टर भी बनाए। जिनमें सरकार से मांग की गई कि एक देश में जगह-जगह फंसे छात्रों और मजदूरों की संक्रमण जांच कर उन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था करे। दूसरा देश के सभी गरीब मजदूरों-मेहनतकशों और छात्रों के लिए राशन और आर्थिक मदद की तत्काल व्यवस्था करे। इस एकदिवसीय भूख हड़ताल में महेश, पिंकी, प्रियंका, ललित और दिशांत कार्यकर्ता शामिल थे।

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