लो कर लो बात: बिहार में भाजपा प्रत्याशी का टिकट ले उड़ा हमनाम कार्यकर्ता, नामांकन भी करा दिया, फिर ऐसे हुआ खुलासा

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यह हैं वीरेंद्र पासवान जो असली प्रत्याशी का टिकट ले उड़े

पटना। नेता हमेशा अपनी लाग लपेट की बातों से कार्यकर्ताओं को बेवकूफ बनाते रहते हैं। लेकिन बिहार चुनाव में एक कार्यकर्ता ने ही नेता जी को बेवकूफ बनाने का कारनामा कर दिखाया। कार्यकर्ता ने नेता जी के हमनाम होने का ऐसा फायदा उठाया कि नेता जी एक पल को तो चारों खाने चित्त ही होकर रह गए। लेकिन बाद में भाजपा प्रदेश कार्यालय ने कार्रवाई कर उनकी मुसीबत कर की।
दरअसल समस्तीपुर जिले में रोसड़ा सीट एनडीए गठबंधन में बीजेपी के खाते में गई थी। वहां से भाजपा ने काफी विचार विमर्श के बाद वीरेन्द्र कुमार पासवान को टिकट देने का फाइनल किया था। यह सूची जारी भी कर दी गई।

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इसके बाद पासवान और उनके समर्थक टिकट मिलने की खुशियां मनाने की व्यस्त हो गए। उन्होंने पार्टी कार्यालय में जाकर तुरंत टि​कट हासिल नहीं किया। बस इसी मौके का फायदा उठाकर भाजपा के ही एक स्थानीय कार्यकर्ता दरभंगा निवासी वीरेन्द्र कुमार पासवान स्वयं को असली पासवान बताते हुए पार्टी क प्रदेश कार्यालय से टिकट का पत्र व पार्टी सिंबल ले लिया। उसमें अपना नाम, पिता का नाम भर लिया और सिंबल लेकर नामांकन करने समस्तीपुर जिले के रोसड़ा उपमंडल कार्यालय पहुंच गए।

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इधर कल यानी सोमवार को असली नेताजी समर्थकों के साथ ढोल नगाड़े बजाते पार्टी के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंचे। कार्यकाल से उन्हें जानकारी मिली कि सिंबल तो वीरेन्द्र कुमार पासवान ले गए हैं। ये बात सुनते ही बीजेपी नेताओं के होश उड़ गए, नेताजी को तो काटो तो खून नहीं।
इसके बाद बीजेपी के कार्यकर्ताओं को रोसड़ा के उपमंडलाधिकारी कार्यालय भेजा गया तब मामले का खुलासा हुआ कि दरभंगा के रहने वाले वीरेंद्र पासवान चकमा देकर बीजेपी पार्टी का सिंबल ले आए हैं। असली पासवान ने इसकी सूचना प्रदेश कार्यालय को दी। तब पहले जारी किए गए सिंबल को रद्द करते हुए असली वीरेन्द्र कुमार पासवान के नाम से नया सिंबल जारी किया गयाफ और नेताजी ने राहत की सांस ली।

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अब असली प्रत्याशी के समर्थक सोशल मीडिया पर असली प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार पासवान और नकली प्रत्याशी वीरेंद्र पासवान के बारे में जिक्र करते हुए मतदाताओं से गुमराह न होने की अपील कर रहे हैं।

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