अल्मोड़ाउत्तराखंड

अल्मोड़ा : जंगल छोड़ शहर मध्य बेखौफ घूम रहा तेंदुआ, खतरा बढ़ा

तेंदुए द्वारा घायल किया गया पालतू कुत्ता।

अल्मोड़ा, 26 अगस्त। नगर में तेंदुए के विचरण से खतरा बन गया है। घनी आबादी वाले मोहल्लों में यह तेंदुआ सरेआम घूमते दिख रहा है। रात होते ही बाजार व मोहल्लों में धाक के साथ शिकार की फिराक मेंं विचरण कर रहा है।
यहां नरसिंहबाड़ी, डुबकिया, राजपुरा, आफीसर्स कालोनी, दुगालखोला आदि मोहल्ले में यह बीच तेंदुआ सक्रिय दिख रहा है। गत मंगलवार तड़के करीब पौने चार बजे यहां नरसिंहबाड़ी में पत्रकार दीपक मनराल के पालतू कुत्ते पर हमला बोल दिया। हुआ यूं कि तड़के करीब पौने चार बजे श्री मनराल ने अपने कुत्ते को लघु शंका के लिए खोला, जो घर की बाउंड्री में ही था और श्री मनराल वहीं दोमंजिले बरामदे में खड़े थे। इतने में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उनके कुत्ते पर हमला कर दिया। उनके हो—हल्ले के बाद तेंदुआ वहां से खिसक तो लिया, मगर कुत्ते को गले में जबर्दस्त दांत लगाकर मरणासन्न कर ​गया। सौभाग्य से तेंदुआ श्री मनराल पर नहीं झपटा। श्री मनराल ने बताया कि तेंदुआ बहुत बड़ा है। उसके बाद सुबह करीब 5 बजे वही तेंदुआ हुक्का क्लब के पास सफाई कर्मचारी सुभाष ने देख लिया। सुभाष ने बताया कि तेंदुआ बंदरों पर झपट रहा था और बंदर यत्र—तत्र भाग रहे थे। यह देख घबराकर सफाई कर्मी जान बचाने को भाग खड़ा हुआ। इस बीच वह गिर भी गया। जिससे हल्की चोट भी आई। इन घटनाओं ने तेंदुए के शहरी क्षेत्र में सक्रिय होने की पुष्टि कर दी है। ज्ञात रहे कि गत दिनों यहां सेलाखोला व चौघानपाटा क्षेत्र में रात बेखौफ घूमता तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था और इसकी सीसीटीवी फूटेज काफी चर्चा में रही। यह तेंदुआ वहीं या दूसरा, ये तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना साफ है कि नगर क्षेत्र में तेंदुआ सक्रिय है। जिसे लोग अपनी आंखों से देख चुके हैं। खतरा टालने के लिए वन विभाग का सक्रिय होना भी जरूरी है। इस तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द प्रयास किए जाने चाहिए ताकि खतरा टल सके

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