⏩ मंत्री और पूर्व मंत्री को फोन कर कहा, ”आपके रिश्तेदार अशोक कुमार ने लिया है कर्ज, तुरंत चुकाओ 08 लाख”

⏩ कार्यक्रम में थे मंत्री लोन रिकवरी एजेंट ने 79 बार कर दी कॉल

सीएनई डेस्क


Instant Loan Frauds: तुरंत लोन और जबरन वसूली : फर्जी बैंक व कंपनियों के नाम से जबरन लोन वसूली के लिए फोन आना तो आम बात हो चुकी है। अकसर लोन कोई और लेता है और यह फर्जी बैंक उसके ​परिचितों को फोन कर परेशान करना शुरू कर देते हैं। हद तब हो गई जब एक फर्जी बैंक ने एक वर्तमान और पूर्व मंत्री को फोन पर धमकाना शुरू कर दिया। यह लोग मंत्री से 08 लाख रूपये जमा करने का दबाव डाल रहे थे। इन्होंने मंत्री को तो 79 बार कॉल कर दिया। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने 04 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश के एसपीएस नेल्लोर जनपद निवासी एक मंत्री और एक पूर्व मंत्री को एक ऋण वसूली एजेंसी से कई कॉल आए। फोनकर्ता (लोन रिकवरी ऐजेंट) का कहना था कि उनके किसी रिश्तेदार ‘अशोक कुमार’ ने 08 लाख का कर्ज लिया था, जिसे अब आपको चुकाना पड़ेगा।

केस नंबर 1 —

पहला कॉल पूर्व जल संसाधन मंत्री और वर्तमान विधायक पोलुबॉयिना अनिल कुमार को आया। जिसमें एक महिला ने फोन कर कहा कि, ”आपके साले अशोक कुमार ने बैंक से 08 लाख का कर्ज लिया था और आपका नंबर दिया था। अशोक कुमार लोन नहीं चुका रहा, जो आपको भरना पड़ेगा।” अनिल कुमार उस महिला को समझाते रहे कि उनका कोई साला नहीं है और उनके किसी रिश्तेदार ने लोन भी नहीं लिया है, इसके बावजूद उक्त महिला बार—बार उनको फोन करते रही।

केस नंबर 2 —

इसी तरह की कॉल कृषि मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी को भी आनी शुरू हो गई। इस मामले में स्वयं कृषि मंत्री ने बताया कि, ”मैं एक आधिकारिक कार्यक्रम में था, इसलिए मेरे निजी सहायक ने कॉल का जवाब दिया। आगे उन्होंने कहा कि पीए को ऋण के बारे में बताया गया, लेकिन मेरे पीए ने फोन करने वाले से कहा कि वह उस व्यक्ति को कभी नहीं जानता जिसने ऋण लिया था। फिर भी, वह व्यक्ति अलग-अलग नंबरों का उपयोग करके कॉल करता रहा। हद तो तब हो गई जब कुल मिलाकर, मंत्री को ऋण वसूली एजेंटों से शुक्रवार को 79 कॉल किए।”

कर्ज लेने वाला एक ही व्यक्ति अशोक कुमार

हैरानी की बात तो यह है कि फर्जी कंपनी किसी अशोक कुमार नामक व्यक्ति का जिक्र करते हुए मंत्री व पूर्व मंत्री को फोन कर रही थी। जिससे यह भी कयास लगाये जा रहे हैं कि किसी अशोक कुमार नामक व्यक्ति ने इस तरह के फर्जी बैंक से लोन लिया और अपने रिश्तेदारों में मंत्री व पूर्व मंत्री का नाम लिखवा दिया हो। अलबत्ता पुलिस अधीक्षक सी विजया राव के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक तकनीकी टीम का गठन किया गया। जिसकी मदद से चेन्नई में एक एजेंसी का खुलासा हुआ। पुलिस ने ‘कोलमैन’ नामक कंपनी से 04 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे गहन पूछताछ चल रही है।

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