अल्मोड़ा : मिष्ठान विक्रेताओं की नव कार्यकारिणी का गठन, मनोज सिंह पवांर बने अध्यक्ष, शोभन सिंह सिजवाली सचिव ! मिठाई में वैधता तिथि संबंधित कानून पर जताया ऐतराज़

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नव निर्वाचित अध्यक्ष, सचिव

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

उपाध्यक्ष मदन रावत एवं उप सचिव पंकज बगडवाल

मिष्ठान विक्रेताओं की यहां एक लाला बाजार स्थित प्रतिष्ठान में हुई बैठक के दौरान नव कार्यकारिणी के चुनाव में समस्त मिष्ठान विक्रेताओ ने सर्वसम्मति से माल रोड स्थिति दीवान स्वीट्स के स्वामी मनोज सिंह पवार को अध्यक्ष, मदन रावत उपाध्यक्ष, शोभन सिंह सिजवाली को सचिव चुना। अन्य पदाधिकारियों में इंदर सिंह बिष्ट को कोषाध्यक्ष व पंकज बगड़वाल को उपसचिव चुना गया।
कार्यकारिणी के गठन के बाद नव निर्वाचित अध्यक्ष मनोज सिंह पवार ने मिष्ठान विक्रेताओं की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही समाधान के लिये सभी मिष्ठान विक्रेताओं से उनकी राय भी जानी। इस मौके पर मिष्ठान विक्रेता संगठन के लिये एक विधिक सलाहकार रखने पर भी सहमति बनी। नई कार्यकारिणी के सदस्यों एवं समस्त मिष्ठान विक्रेताओं ने जिला अभिहीत अधिकारी अजब सिंह रावत व खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय सिंह के साथ बैठक की। जिसमें अल्मोड़ा के सभी मिष्ठान विक्रेताओं​ ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) 2006 के तहत 1 अक्टूबर 2020 से लागू मिठाई के विनिर्माण की तारीख के साथ एक्सपायरी की तारीख को अंकित किये जाने की अनिवार्यता का विरोध किया। मिठाई विक्रेताओं ने कहा की मिठाई के लिये ऐसा कोई मानक तय नही किया जा सकता, क्योंकि अलग-अलग मिठाई का समय अलग-अलग होता है। इसमें छेने की मिठाई एक दिन ही चलती है। खोए की मिठाई दो दिन इस्तेमाल की जा सकती है, जबकि बेसन के लड्डू आराम से तीन-चार दिन भी इस्तेमाल हो सकते हैं। मिष्ठान विक्रेताओ ने यह भी बताया की दुकान में रखी गई मिठाई का तापमान व ग्राहकों द्वारा मिठाई को अन्य किसी गर्म स्थान को ले जाने पर तापमान में परिवर्तन होता है, जिससे मिठाई की गुणवत्ता में परिवर्तन हो जाता हैं। इस कारणवश मिठाई तय समय से पूर्व ही खराब हो जाती है। जिसमें मिष्ठान विक्रेताओ का कोई भी दोष नहीं होता है। मनोज सिंह पवार ने अधिकारियों को बताया की जब यह एक्ट बना था, उसके बाद इसकी समीक्षा नहीं की गई थी, इसलिए हम लोग लगातार सरकार से मांग कर रहे है कि इसकी समीक्षा कर ली जाए। वरना इससे मिष्ठान विक्रेता परेशान होंगे। साथ ही इस काले कानून से मिष्ठान विक्रेताओं को होने वाली परेशानियों के बारे में अल्मोड़ा मिष्ठान विक्रेता संघ न्यायालय के सम्मुख अपना पक्ष रखेंगे।

बैठक में विनोद कुमार बंसल, नवनीत सिंह बिष्ट, अरुण रौतेला, गिरीश चंद्र जोशी, राजेश अग्रवाल, त्रिलोक बिष्ट, हरिश चंद्र जोशी, पप्पू बिष्ट, राम सिंह सलाल, शंकर दत्त जोशी, अशोक मशयुनि, पूरन अधिकारी, पूरन सिंह लटवाल, महेन्द्र सिंह रावत, त्रिलोक सिंह लटवाल, धीरज सिंह खोलिया, अमर सिंह लटवाल, संजय सिंह लटवाल, निधि कांत जोशी, दीपक लटवाल, नरेंद्र बिष्ट, हरीश सिंह अधिकारी, दीवान सिंह पवार, बलवंत सिंह बिष्ट, हरीश सिंह रावत, पुष्कर उपाध्याय, लक्ष्मण सिंह अधिकारी, सोनू दुर्गापाल, उनकड रौतेला, किशन सिंह अधिकारी, मुन्ना रौतेला, केतन कश्यप, निकेश उपाध्याय, उमेश उपाध्याय, गोधन सिंह, चंद्र मोहन जोशी, मोहन जोशी, हीरा बल्लभ जोशी, राज कुमार गुप्ता, लीलाधर जोशी, अनिल भट्ट, राजेश खोलिया, विनोद सिंह बजेठा, मोहित जोशी, अखिलेश राठौर, रमेश सिंह, कैलाश बिष्ट, सूरज लटवाल, आंनद सिंह लटवाल, गोविन्द सिंह बिष्ट, मनोज कुमार, भूपेन्द्र रावत, अर्पित अग्रवाल, दीवान बिष्ट, नीरज बिष्ट, भगवान लटवाल, मदन डांगी, मोहित बिष्ट, राहुल अधिकारी, नवीन चन्द्र तिवारी, महेश कश्यप, अमित पांडे, पप्पू नेगी आदि उपस्थित थे।

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