अल्मोड़ाउत्तराखंड

अल्मोड़ा: लंबित धनराशि का इंतजार करते थक गए दुग्ध उत्पादक, ज्ञापन के जरिये दुग्ध विकास संगठन ने फिर खींचा ध्यान

अल्मोड़ा। दुग्ध उत्पादकों को अभी तक पशु आहार अनुदान और एक साल पूर्व से दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन की धनराशि का भुगतान नहीं होने से गुस्सा बढ़ते जा रहा है। हाल में इस संबंध में दुग्ध विकास संगठन ने सरकार का ध्यान इस ओर खींचा था, मगर कोई सकारात्मक कदम उठता नजर नहीं आने से दुग्ध उत्पादकों का धैर्य टूट रहा है। अब संगठन ने फिर ज्ञापन भेज मुख्यमंत्री से अविलंब इस धनराशि का भुगतान करने की पुरजोर मांग की है और इसके लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया हैं। इसके बाद संगठन आंदोलन के कदम बढ़ाने की धमकी दी है।
शुक्रवार को यहां दुग्ध विकास संगठन ने मांगों की ओर ध्यानाकर्षण करते हुए मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी अल्मोड़ा को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में फिर याद दिलाई है कि दुग्ध उत्पादकों को जिला योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली पशु आहार अनुदान की धनराशि अभी तक आवंटित नहीं की गयी है। इसके अलावा अप्रैल 2019 से अब तक दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन की धनराशि नहीे दी गयी हैै। इतना ही नहीं अक्टूबर 2016 से मार्च 2017 तक की भी दुग्ध प्रोत्सान राशि नहीं दी गयी है। इस बात पर सख्त नाराजगी जताई गई है।
इसी क्रम में उक्त लंबित दोनों मदों की धनराशि शीघ्र निर्गत करने की मांग की गई है। साथ ही समिति के प्रबन्ध कमेटी के सदस्यों के निर्वाचन शुल्क को पांच गुना बढ़ाये जाने को अनुचित बताते हुए शुल्क पूर्ववत रखने की मांग की गयी है। समिति ने पद पर बने रहने के नियमों, उपनियमो में भी आवश्यक संसोधन की मांग की है। इसके अलावा दुग्ध समितियों को मिलने वाले हेड लोड मंे वृद्धि करने व सरकारी अनुदान पूर्ववत रखने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। ज्ञापन देने गए समिति के शिष्टमण्डल ने 15 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में आंदोलनात्मक कार्यवाही शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में दुग्ध विकास संगठन के अध्यक्ष आनन्द सिंह बिष्ट, ब्रहमानंद डालाकोटी, जिला पंचायत सदस्य शिवराज बनौला, मोहन चन्द्र जोशी, त्रिभुवन तिवारी हीरा सिंह, विपिन चन्द्र हरबोला, पूरन चन्द्र काण्डपाल आदि सम्मिलित थे।

Leave a Comment!

error: Content is protected !!