हल्द्वानी। गौला नदी में खनन कार्य शुरू हो गया है। लेकिन यहां जो मजदूर काम कर रहे हैं। न तो वे सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे हैं। न ही उनके मुंह पर मास्क लगे हैं। सैनेटाइजेशन की बात करना तो यूं भी व्यर्थ ही है। सवाल यह है कि वन निगम को जिन शर्तों के तहत नदियों में खनन कार्य शुरू करने की इजाजत दी गई थी वे शर्ते पूरी भी हो रही हैं या नहीं इसको देखने वाला कौन है शायद किसी को मालूम भी नहीं।

कोरोना जैसी घातक संक्रामक बीमारी से अंजान यहां काम कर रहे मजदूर हर रोज सुबह से शाम तक किस खतरे के रास्ते से गुजर रहे हैं। शायद उन्हें स्वयं पता नहीं है। इनमें से अधिकांश मजदूर वे हैं जो अपने घर जाने के लिए वाहनों के इंतजाम का इंतजार कर रहे हैं। गोरा पड़ाव के प्रधान और ग्राम प्रधान संगठन विकास खंडल हल्द्वानी के उपाध्यक्ष सचिन कुमार का कहना है कि गरीब श्रमिकों में से यदि कोई एक भी कोरोना की चपेट में आता है तो बीमारी चंद ही दिनों में किस कदर फैलेगी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।


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