देहरादून/चमोली| उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को जोशीमठ में मकानों और होटलों में आई दरारों व भू-धंसाव का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों को हर संभव मदद दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकारी जोशीमठ में अनावश्यक रुक कर कमरे न घेरें।

उन्होंने आपदा से प्रभावित एक परिवार के कई-कई लोगों के एक ही कमरे में रहने को लेकर कहा कि जिन अधिकारियों की वहां पर जरूरत है, केवल वही जोशीमठ में रुकें ताकि भू-धंसाव से प्रभावित ऐसे परिवारों को कमरे मिल सकें। उन्होंने कहा कि जोशीमठ को छोड़कर उत्तराखंड में सभी स्थान सुरक्षित हैं। सरकार औली में होने वाले विंटर गेम्स को संपन्न कराने का भी प्रयास करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया।

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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जोशीमठ स्थित सिंहधार, नरसिंह मंदिर, गांधीनगर, जेपी कॉलोनी (मारवाड़ी) आदि स्थानों में भू-धसाव की जद में आए मकानों और भवनों के निरीक्षण करने के साथ साथ नगर पालिका और गुरुद्वारे में चल रहे राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

महाराज ने कहा कि सरकार द्वारा 50-50 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी गई है। क्षति का आंकलन करने के बाद सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस आपदा से निपटने का सरकार हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जिस प्रकार से जोशीमठ को लेकर मीडिया में खबरें आ रही है उसे सुनकर पर्यटकों ने अधिकांश बुकिंग कैंसिल कर दी है।

महाराज ने कहा कि आपदा का सरकार पूरा विश्लेषण कर रही है। एक और जहां राज्य सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूरा विश्वास दिलाया है कि वह प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता करेंगे।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री महाराज के साथ पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी, ऋषि प्रसाद सती, कुलदीप वर्मा, गजेन्द्र रावत, दर्शन सिंह दानू, मनोज भण्डारी, वीरेन्द्र असवाल, महावीर रावत और पंकज डिमरी आदि मौजूद थे।

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