नई दिल्ली। राज्यसभा से अपने कथित रुप से ‘मनमाने ढंग से’ निलंबन पर विरोध जताने के लिए शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित संसद टीवी में एंकर की भूमिका से रविवार को हटने का फैसला किया। सुश्री चतुर्वेदी ने आज उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को लिखे एक पत्र के माध्यम से अपने फैसले के बारे में सूचित किया।

उन्होंने पत्र में लिखा,“यह बहुत पीड़ा के साथ लेकिन जिम्मेदारी की भावना के साथ और इसके माध्यम से मैं आपको सूचित करना चाहती हूं कि मैं संसद टीवी के शो ‘मेरी कहानी’ की एक एंकर के रूप में पद छोड़ना चाहती हूं।”

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा,“मेरे मनमाने निलंबन के बाद चैंबर के अंदर मेरी पार्टी और मेरी आवाज को दबाने के लिए स्थापित संसदीय मानदंडों और नियमों की पूरी तरह से अवहेलना की गयी है। जब संविधान की मेरी प्राथमिक शपथ से इनकार किया जा रहा है ऐसे में मैं संसद टीवी पर जगह लेने के लिए तैयार नहीं हूं।”


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पिछले हफ्ते प्रियंका चतुर्वेदी समेत विपक्षी दलों के 12 सांसदों को इस साल अगस्त के मानसून सत्र के दौरान कथित दुर्व्यवहार के लिए संसद के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। विपक्ष ने सांसदों के निलंबन को ‘अलोकतांत्रिक’ और राज्यसभा के सभी नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करार दिया है। उच्च सदन से खुद सहित 12 सांसदों के निलंबन पर असंतोष व्यक्त करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि यह कुछ ऐसा है जो ‘संसद के इतिहास में कभी नहीं हुआ।’

निलंबित सांसदों में एलमारम करीम (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी), फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, आर बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन और अखिलेश प्रसाद सिंह (सभी कांग्रेस के), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनॉय विश्वम, डोला सेन और शांता छेत्री (दोनों तृणमूल कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई (दोनों शिवसेना से) शामिल हैं।

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