रुद्रपुर। उधम सिंह नगर पुलिस ने थाना पुलभट्टा पुलिस ने 3 माह के नवजात का अपहरण करने वाली अन्तर्राष्ट्रीय बच्चा चोर गिरोह की बांग्लादेशी महिला को महज 24 घंटे में गिरफ्तार कर नवजात को सकुशल बरामद कर लिया है।

पुलिस ने किया 3 माह के नवजात बालक के अपहरण का 24 घंटे के अंदर खुलासा

बता दें कि दिनांक 2 अगस्त को ग्राम सतुईया निवासी प्रेम चन्द्र पुत्र विरेन्द्र लाल ने थाना पुलभट्टा पर तहरीर देकर बताया कि उसके 3 माह के नवजात पुत्र प्रतीक को नैना उर्फ ज्योति नाम की महिला द्वारा अपहरण कर लिया गया है। अपहृत नवजात के पिता की तहरीर के आधार पर थाने में एफआईआर दर्ज कर ज्योति उर्फ नैना की तलाश शुरू कर दी।

सूचना पर तत्काल सीओ सितारगंज ओमप्रकाश व थानाध्यक्ष पुलभट्टा विद्यादत्त जोशी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया गया। 3 माह के बच्चे के अपहरण की घटना को अति संवेदनशील मानते हुए घटना के त्वरित खुलासे व अपहृत बालक की सकुशल बरामदगी हेतु एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने पुलिस टीमों को गठित कर अपहृत बालक की बरामदगी करने हेतु निर्देशित किया। जिस पर एसपी रुद्रपुर के कुशल नेतृत्व में थाना स्तर से पुलिस टीमों का गठन किया गया।


गठित टीमों ने सुरागरसी पतारसी व सीसीटीवी फुटेज चैक करने पर उक्त महिला ज्योति उर्फ नैना के संबंध में जानकारी की गई तो महिला मूल रूप से बंगाल या बांग्लादेश की होना पाया गया। जिसके द्वारा किच्छा के आसपास कई लोगों से शादी करने व उनके साथ ठगी कर फरार होने की बात प्रकाश में आयी। इसी क्रम में जानकारी करते हुए ज्ञात हुआ कि सूरज नाम का व्यक्ति जो बहेड़ी का रहने वाला है और तन्दूर का काम करता है तथा पहले पुलभट्टा व किच्छा के होटलों में काम कर चुका है उक्त ज्योति उर्फ नैना का सूरज के पास जाना जात हुआ तथा सूरज का वर्तमान में बुलन्दशहर में रहना प्रकाश में आया। जिस पर एसओजी टीम की मदद से उक्त सूरज की लोकेशन प्राप्त की। जिसकी लोकेशन अनूप शहर जिला बुलन्दशहर आयी। जिसपर पुलिस टीमों ने अनूप शहर में सुरागरसी पतारसी करते हुए सूरज पुत्र भगवानस्वरुप निवासी ग्राम राजनगला थाना बहेड़ी जिला बरेली व नैना उर्फ ज्योति पत्नी सूरज निवासी उपरोक्त को मय अपहृत बालक प्रतीक के गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में नैना ने बताया…

पूछताछ के दौरान नैना ने बताया कि वह मूलरूप से बांग्लादेश की रहने वाली है, जो अपने मामा के घर ग्राम पानीखली, मजदिया, थाना धंतला, जिला नादिया, पश्चिम बंगाल में रहती थी। जिसकी पहली शादी बिहार के रहने वाले चेतु नाम के व्यक्ति से हुयी थी। जिसे छोड़कर लगभग 01 वर्ष बाद यह अपने घर आ गयी थी। फिर शिवचरण निवासी पृथ्वीपुर, थाना बहेड़ी नाम के ट्रक ड्राइवर व उसकी पत्नी सुनीता जो पश्चिम बंगाल की रहने वाली है ने ज्योति की शादी डोरीलाल पुत्र मिश्रीलाल निवासी ग्राम पृथ्वीपुर, थाना बहेड़ी से करा दी, जिससे इसके तीन बच्चे हैं।

महिला ने की सात शादियां

करीब 10-12 साल डोरीलाल के साथ रहने के बाद ज्योति उर्फ नैना घर से फरार हो गयी तथा महेश पुत्र रमेश चन्द्र निवासी ग्राम भंगा के साथ शादी कर ली। लगभग 03 साल महेश के साथ रहने के बाद ज्योति ने सावेज पुत्र बबलू खाँ निवासी ग्राम भंगा, थाना पुलभट्टा के साथ शादी कर ली। करीब 01 वर्ष इसके साथ रहने के पश्चात उक्त ज्योति ने अपना नाम बदलकर हिना रख लिया और मुस्लिम महिला बनकर जुल्फिकार उर्फ गुड्डू पुत्र मतलूब निवासी किच्छा के साथ शादी कर ली। करीब 01 वर्ष इसके साथ रहने के पश्चात उक्त महिला ने सूरज पुत्र भगवानस्वरूप निवासी ग्राम राजूनगला, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली के साथ शादी कर ली। लगभग 03 वर्ष से सूरज के साथ अनूपनगर में रही और लगभग 3 माह पहले अनूपशहर से किच्छा आ गई और सतुईया निवासी उमेश के घर रहने लगी।

उमेश के भाई प्रेम चन्द के 03 माह के बालक प्रतीक को चोरी करने की नीयत से उसके परिवार वालों से घुलना-मिलना शुरू किया तथा बच्चे को अपने साथ कभी-कभी खिलाने के बहाने से रखने लगी, जिससे बच्चा उसके साथ अच्छी तरह घुल मिल ले। जैसे ही प्रतीक इसके साथ घुलने मिलने लगा तो यह बातें ज्योति ने अपने पति सूरज को बतायी और मोबाइल फोन से वीडियो कॉल करके उक्त बच्चे को अपने पति सूरज को दिखाया और दोनों ने बालक प्रतीक को चोरी करने की योजना बनाई।

प्लान के मुताबिक हुआ अपहरण

योजना के तहत दिनांक 2 अगस्त को समय करीब 03:30 बजे प्रतीक को उसकी मां से खिलाने के बहाने रोज की भांति लेकर टुकटुक में बैठाकर बच्चे को अपहरण कर ले गयी तथा सूरज को फोन पर बिलासपुर पहुंचने को कहा। जिसपर सूरज अनूपशहर से बिलासपुर तक आया और ज्योति बच्चे को लेकर बिलासपुर तक गयी, जहां इसे सूरज मिल गया। फिर यह दोनों अपहृत बालक प्रतीक को लेकर अनूप शहर सूरज के किराये के कमरे पर पहुंच गई। जहां से उक्त बालक को कोलकाता ले जाकर उचित दाम में किसी जरूरतमंद को बेचने की तैयारी कर रही थी।

उक्त महिला नैना उर्फ ज्योति एक शातिर किस्म की संदिग्ध बांग्लादेशी महिला है। जो अंतरराष्ट्रीय बच्चा चोर गिरोह की सदस्य हो सकती है। जिस के संबंध में जानकारी की जा रही है। जिसके द्वारा अपने पति सूरज के साथ मिलकर षडयन्त्र रचकर / योजनाबद्ध तरीके से बच्चे को उठाकर कुछ समय पालने के पश्चात बेचने के उद्देश्य से नाबालिग बच्चे को व्यप्रत कर दुर्व्यापार के मकसद से उठाकर ले जाने का जघन्य अपराध कारित किया गया है। दोनों अभियुक्तों को धारा 363/370(4)/120(बी) आईपीसी के अन्तर्गत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

उक्त गिरफ्तारी व 03 माह के बालक की 24 घण्टे में सकुशल बरामदगी से स्थानीय जनता द्वारा पुलिस टीम की भूरी-भूरी प्रशंसा की गयी तथा एसएसपी द्वारा पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 5,000 रुपये नगद पुरुस्कार की घोषणा की गयी।

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